देहरादून
देहरादून : ट्रैवल कारोबारी ने परिवहन इंस्पेक्टर को ऑफिस में किया कैद, रिश्वत का आरोप
देहरादून के हर्रावला में ट्रैवल व्यवसायी ने परिवहन इंस्पेक्टर को शटर डालकर 1 घंटे कैद किया। व्यवसायी ने रिश्वत का आरोप लगाया, जबकि इंस्पेक्टर ने रसमलाई का दावा किया।
देहरादून। राजधानी देहरादून के हर्रावला चौकी क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ट्रैवल व्यवसायी ने परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर को अपने कार्यालय के भीतर करीब एक घंटे तक कैद रखा। व्यवसायी ने इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए दफ्तर का शटर बाहर से गिरा दिया। सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
ट्रैवल कारोबारी का आरोप है कि परिवहन विभाग का यह इंस्पेक्टर लंबे समय से उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। व्यवसायी का दावा है कि इंस्पेक्टर हर महीने 8 हजार रुपये की रिश्वत वसूलने उसके दफ्तर आता था। इस कथित अवैध वसूली से तंग आकर कारोबारी ने आज इंस्पेक्टर को अपने ऑफिस के भीतर बंद कर दिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
दूसरी ओर, आरोपी परिवहन इंस्पेक्टर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इंस्पेक्टर का पक्ष बेहद अजीबोगरीब है। उनका कहना है कि वह दफ्तर के पास केवल लघुशंका के लिए रुके थे। इसी दौरान परिचित ट्रैवल कारोबारी ने उन्हें प्रेमपूर्वक रसमलाई खिलाने के बहाने अंदर बुला लिया। इंस्पेक्टर के अनुसार, जब वह रसमलाई खा रहे थे, तभी कारोबारी ने बाहर से शटर गिराकर उन्हें बंधक बना लिया।
इस घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इंस्पेक्टर को बाहर निकाला और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य गवाहों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामला वास्तव में रिश्वतखोरी का है या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश है। फिलहाल, सरकारी अधिकारी को बंधक बनाने और रिश्वत के आरोपों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
