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देहरादून

देहरादून में बड़ी साइबर ठगी: वित्त मंत्री का फर्जी वीडियो दिखा बुजुर्ग से ऐंठे 30 लाख

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देहरादून के शास्त्रीनगर में बुजुर्ग से 30 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी। साइबर ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री का फर्जी वीडियो दिखाकर ट्रेडिंग के नाम पर फंसाया।

देहरादून। ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने अब देश की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम और उनकी छवि का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया है। ठगों ने वित्त मंत्री का एक फर्जी वीडियो (डीपफेक या मॉर्फ्ड वीडियो) दिखाकर देहरादून के एक बुजुर्ग से करीब 30 लाख रुपये की मोटी रकम ठग ली। ठगी का शिकार होने का अहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर अपराध थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
मिली जानकारी के अनुसार, देहरादून के शास्त्रीनगर निवासी 62 वर्षीय सुदर्शन सिंह रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ा एक वीडियो देखा था। इस वीडियो में केंद्रीय वित्त मंत्री की छवि का इस्तेमाल कर भारी मुनाफे का दावा किया गया था। वीडियो के झांसे में आकर बुजुर्ग ने उसमें बताई गई ‘ग्लोबिनोक डॉट कॉम’ (globinok.com) नामक वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन कर लिया। इसके तुरंत बाद 9 अप्रैल से पीड़ित के पास यूनाइटेड किंगडम (UK) के कंट्री कोड (+44) वाले अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार फोन कॉल्स आने शुरू हो गए।
शुरुआती दौर में खुद को वित्तीय सलाहकार (फाइनेंशियल एडवाइजर) बताकर ठगों ने बुजुर्ग से महज 200 डॉलर का निवेश कराया और इसे ‘बेसिक अकाउंट’ बताया। इसके बाद शातिर अपराधियों ने गोल्ड अकाउंट की विशेष सुविधा और ज्यादा से ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उनसे हर दिन अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराने शुरू कर दिए। पीड़ित को उस फर्जी वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ (डैशबोर्ड) पर अपनी कुल रकम और लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा भी दिखाई दे रहा था, जिससे उनका भरोसा और मजबूत होता गया।
इसके बाद 23 अप्रैल को ठगों ने अचानक उनका अकाउंट फ्रीज कर दिया, तब तक पीड़ित 11,700 डॉलर जमा कर चुके थे। जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो केवल 50 डॉलर वापस आए। इसके बाद अकाउंट अनफ्रीज करने का झांसा देकर उनसे 21,700 डॉलर और निवेश करा लिए गए। पीड़ित को जब शक हुआ और उन्होंने जांच की, तो पता चला कि वह वेबसाइट फर्जी है और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में पंजीकृत भी नहीं है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

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