देहरादून
IMA पासिंग आउट परेड: देश को मिले 481 नए जांबाज अफसर, पहली बार महिलाओं ने रचा इतिहास
देहरादून आईएमए पासिंग आउट परेड में 481 जांबाज भारतीय युवा अफसर बने। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ली परेड की सलामी। पहली बार 9 महिला कैडेट्स शामिल।
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में शनिवार को एक ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ। इस भव्य परेड के ड्रिल स्क्वायर पर जैसे ही युवाओं ने अपना ‘अंतिम पग’ पार किया, वैसे ही देश को 481 नए जांबाज सैन्य अफसर मिल गए। आईएमए की इस पासिंग आउट परेड की गौरवशाली सलामी देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ली। इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए देश-विदेश से कई गणमान्य अतिथि और कैडेट्स के गौरवान्वित परिजन देहरादून पहुंचे।
इस बार की पासिंग आउट परेड आईएमए के 93 साल के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गई है। अकादमी के इतिहास में पहली बार 9 महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेट्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कदमताल की और पास आउट हुईं। ये महिला कैडेट्स राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के साल 2022 के उस पहले ऐतिहासिक बैच का हिस्सा हैं, जिन्होंने कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद भारतीय सेना में शामिल होने का गौरवपूर्ण विकल्प चुना था।
परेड में कुल 515 कैडेट्स ने अपने शानदार अनुशासन का प्रदर्शन किया, जिसमें 481 भारतीय और 16 मित्र देशों के 34 जेंटलमैन कैडेट्स शामिल रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी युवा अफसरों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में महिलाओं की यह बढ़ती भागीदारी नए भारत की सशक्त तस्वीर को दर्शाती है। अब ये सभी युवा अधिकारी देश की सरहदों की सुरक्षा का अहम जिम्मा संभालेंगे।
इससे पहले शुक्रवार को देहरादून पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मु का राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया था। वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए देहरादून पुलिस ने शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। शनिवार दोपहर 12 बजे तक शहर के प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन की व्यवस्था लागू की गई थी, ताकि परेड का आयोजन बिना किसी बाधा के सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।
