नई दिल्ली
भगत सिंह कोश्यारी को मिला पद्म भूषण, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया सम्मानित
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में प्रतिष्ठित ‘पद्म भूषण’ सम्मान प्रदान किया।
नई दिल्ली: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सोमवार को देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजा गया। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक गणतंत्र मंडप में आयोजित एक भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। श्री कोश्यारी को यह राष्ट्रीय सम्मान सार्वजनिक मामलों (पब्लिक अफेयर्स) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान के लिए दिया गया है।
भगत सिंह कोश्यारी देश के उन चुनिंदा वरिष्ठ राजनेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण और लोक सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर इसके नीतिगत विकास में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है। ‘भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय कोश्यारी ने एक शिक्षक और पत्रकार के रूप में भी समाज को नई दिशा दी। आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए लंबी जेल यात्रा भी की थी।
राष्ट्रपति द्वारा सम्मान प्रदान किए जाने के बाद उत्तराखंड और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों से उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया है। प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पल को पूरे राज्य के लिए ऐतिहासिक गौरव का क्षण बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उत्तराखंड का मान बढ़ा है बल्कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता और सादगी की भी जीत हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि श्री कोश्यारी का यह सम्मान जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के संघर्ष का सच्चा प्रतीक है। उनका यह सफर युवाओं को निस्वार्थ भाव से राष्ट्रहित की सेवा करने की प्रेरणा देता रहेगा।
