उत्तर प्रदेश
मुरादाबाद: श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु, उमड़ी भीड़
मुरादाबाद के प्राचीन काली माता मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन उमड़े श्रद्धालु। आचार्य नित्यानंद जी ने सुनायीं भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाएं।
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित प्राचीन काली माता मंदिर (मिश्री गिरि जी का टीला, लालबाग) में अध्यात्म और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। ब्रह्मलीन श्रीमहंत कृष्णानंद गिरि जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के पावन अवसर पर आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा एवं विशाल भंडारा महोत्सव के पांचवें दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने भगवान श्रीहरि की दिव्य और अलौकिक लीलाओं का रसपान किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ जूना अखाड़ा के मंत्री श्रीमहंत गिरीशानंद गिरि जी महाराज और मंदिर के व्यवस्थापक महंत महाकाल गिरि जी महाराज ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यासपीठ का तिलक और विधि-विधान से पूजन कर कथा को आगे बढ़ाया। कथा व्यास के आसन पर विराजमान प्रसिद्ध प्रवक्ता आचार्य नित्यानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा व्यास आचार्य नित्यानंद जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भागवत कथा मनुष्य के जीवन को धर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के प्रकाश से आलोकित करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने भी भक्तों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह कथा समाज में संस्कार, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का एक सशक्त माध्यम है।
शाम को कथा की पूर्णाहुति के बाद भगवान की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। इसके बाद सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस धार्मिक उत्सव के दौरान मुरादाबाद की सांसद श्रीमती रुचि वीरा ने भी काली माता मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किए। उन्होंने इस भव्य भागवत कथा के सफल आयोजन और श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की।
