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सुनकिया बनेगा आदर्श जैविक ग्राम, आईसीएआर-आईवीआरआई ने शुरू की पहल

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धानाचूली। नैनीताल जनपद के ग्राम सुनकिया को जैविक एवं बागवानी आधारित आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। आईसीएआर-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), मुक्तेश्वर के प्रसार शिक्षा अनुभाग ने गांव में किसानों के साथ गोष्ठी-सह-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित कर दीर्घकालिक कार्ययोजना की शुरुआत की।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. मनीष तोमर ने बताया कि सुनकिया में केवल जागरूकता कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और कृषि आदानों की उपलब्धता के माध्यम से किसानों को जैविक खेती की ओर प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव में इसी माह एक वर्मी कम्पोस्ट इकाई तथा पांच मधुमक्खी पालन इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जिससे किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ अतिरिक्त आय के नए अवसर भी मिलेंगे।
कार्यक्रम में 33 किसानों ने भाग लिया। किसानों को जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन, मधुमक्खी पालन तथा बागवानी फसलों के वैज्ञानिक उत्पादन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, लागत घटेगी और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त होगा।
इस अवसर पर किसानों को कागजी नींबू, संतरा, माल्टा और पहाड़ी नींबू सहित 400 फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया। साथ ही जैविक खेती, डेयरी प्रबंधन और वर्मी कम्पोस्ट निर्माण से संबंधित तकनीकी साहित्य भी उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने जैविक खेती, फलदार पौधों के रखरखाव, मधुमक्खी पालन और वर्मी कम्पोस्ट से जुड़े सवाल पूछे, जिनका वैज्ञानिकों ने विस्तार से समाधान किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में सुमित एवं पवन ने सहयोग किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. राघवेंद्र भट्ट ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुनकिया को जैविक एवं बागवानी आधारित मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने का प्रयास क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगा।

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