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तल्ली दीनी गुलदार हमले के बाद बड़ी कार्रवाई, संदिग्ध हिंसक गुलदार सुरक्षित रेस्क्यू
धानाचूली। नैनीताल जिले के धारी विकासखंड की ग्राम सभा तल्ली दीनी में 26 दिसंबर 2025 को हिंसक वन्यजीव गुलदार (तेंदुआ) के हमले में ग्राम निवासी हेमा देवी की दुखद मृत्यु के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध गुलदार को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार एवं उपप्रभागीय वनाधिकारी ममता चंद के निर्देश पर वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट के नेतृत्व में मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकने तथा हमलावर गुलदार को पकड़ने हेतु विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत ड्रोन, ट्रैप कैमरे, पिंजरे एवं अतिरिक्त चिकित्सकीय टीम के साथ क्षेत्र में सघन निगरानी की गई।
वन विभाग की टीम ने 6 जनवरी 2026 को तड़के लगभग 3:44 बजे, ग्राम क्षेत्र मल्ली दीनी वाली के समीप से गुलदार को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद मृतका हेमा देवी की घटना के संबंध में ग्राम प्रधान सतीश चंद्र एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा गुलदार की शिनाख्त कराई गई, जिस पर ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया।
वन विभाग के अनुसार रेस्क्यू किया गया गुलदार लगभग पांच वर्ष का है और उसके व्यवहार व शारीरिक लक्षणों के आधार पर यह वही हमलावर गुलदार प्रतीत हो रहा है। हालांकि, अंतिम पुष्टि वैज्ञानिक जांच एवं परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। अधिकारियों ने बताया कि एक से दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट आने पर पूरा खुलासा हो जाएगा कि यही गुलदार नरभक्षी हिंसक है या नहीं।
रेस्क्यू किए गए गुलदार को वैज्ञानिक परीक्षण एवं प्रशिक्षण हेतु रेस्क्यू सेंटर रानीबाग भेज दिया गया है। वन विभाग ने क्षेत्र में सतर्कता बरतते हुए गश्त एवं निगरानी आगे भी जारी रखने की बात कही है।
इस अभियान में वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट, अभय जोशी, आनंद लाल आर्य, पशु चिकित्सक डॉ. तरुण गर्ग, डॉ. हिमांशु पांगती सहित बड़ी संख्या में वन दरोगा, वन आरक्षी एवं कर्मचारी शामिल रहे। उधर ओखलकांडा में भी वन क्षेत्राधिकारी नितिन पंत के नेतृत्व में हिंसक जानवर की तलाश जारी है।
फ़ोटो। पिजरे में कैद गुलदार।
