नैनीताल
भू-कानून उल्लंघन पर उत्तराखंड सरकार का बड़ा एक्शन: नैनीताल में 304 नाली जमीन जब्त
उत्तराखंड के नैनीताल में सख्त भू-कानून के तहत डीएम ललित मोहन रयाल का बड़ा एक्शन। नियम उल्लंघन पर 304 नाली भूमि राज्य सरकार में निहित की गई।
नैनीताल। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार द्वारा लागू सख्त भू-कानून का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। नैनीताल जिले में जिला प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने विभिन्न मामलों की सुनवाई के बाद भू-कानून के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कुल 14 मामलों में 6.088 हेक्टेयर (लगभग 304 नाली) भूमि राज्य सरकार के खाते में निहित करने का आदेश जारी किया है।
प्रशासन की जांच में सामने आया कि जिले में कई लोगों ने स्वीकृत नियमों को दरकिनार कर जमीनों का क्रय-विक्रय किया था। कई मामलों में बागवानी और कृषि के उद्देश्य से खरीदी गई जमीन पर अवैध रूप से होटल, रिसॉर्ट या व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं। इसके अलावा, एक ही परिवार के सदस्यों के नाम पर कानूनी सीमा से अधिक जमीन खरीदने और अनुसूचित जाति की आरक्षित भूमि को गैर-कानूनी ढंग से बेचने के मामले भी पकड़े गए।
जिलाधिकारी न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि आवासीय प्रयोजन के लिए स्वीकृत जमीनों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इन सभी मामलों में नियमों का स्पष्ट उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल भूमि जब्ती का फैसला लिया। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि भू-कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में भू-कानून का कड़ाई से पालन कराया जाए। अवैध तरीके से खरीदी गई या उद्देश्य से भटकी जमीनों को तुरंत राज्य सरकार के नियंत्रण में लिया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार जब्त की गई इस 304 नाली भूमि का उपयोग भविष्य में केवल जनहित और सार्वजनिक विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
