उत्तराखण्ड
उत्तराखंड से दिनेश आर्य को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर भाजपा का बड़ा दांव
भाजपा ने उत्तराखंड राज्यसभा सीट के लिए दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाया है। हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद के बीच अनुसूचित जाति वर्ग को साधने की यह बड़ी रणनीति है।
हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड से राज्यसभा की खाली हो रही एक सीट के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता दिनेश आर्य को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। मौजूदा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इस सीट के लिए आगामी 16 अक्टूबर को मतदान होना तय हुआ है। भाजपा के पास राज्य विधानसभा में पूर्ण बहुमत होने के कारण दिनेश आर्य का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
दिनेश आर्य को उच्च सदन भेजने का यह फैसला राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धीकरण’ विवाद के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया था। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर दलित विरोधी होने के गंभीर आरोप लगाए थे। ऐसे में हल्द्वानी से ही ताल्लुक रखने वाले अनुसूचित जाति के कर्मठ चेहरे पर दांव खेलकर पार्टी ने विपक्ष को करारा जवाब दिया है।
दिनेश आर्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समय से ही संगठन में बेहद सक्रिय रहे हैं। वे नैनीताल जिले के भाजपा अध्यक्ष सहित पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियों को संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे उत्तराखंड सरकार में पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके चयन पर बधाई देते हुए केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया है।
उत्तराखंड में लगभग 18 प्रतिशत अनुसूचित जाति की आबादी है और 70 में से 13 सीटें आरक्षित हैं। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए भाजपा का यह कदम दलित मतदाताओं में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक मूल व समर्पित कार्यकर्ता को सम्मान मिलने पर भारी खुशी व्यक्त की है।




