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उत्तराखण्ड

दिन बढ़ने के साथ बढ़ रही चार हजार परिवारों की धकड़नें

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सबकी निगाह, सामूहिक प्रार्थनाएं, पुलिस-प्रशासन तैयार
हल्द्वानी। बनभूलपुरा और गफूर बस्ती में रेलवे की 78 एकड़ जमीन से 4365 अवैध कच्चे-पक्के मकानों को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला आज होना है। दिन चढ़ने के साथ पीड़ितों की धड़कनें भी बढ़ रही हैं। लोग कल रात से सामूहिक दुआएं कर रहे हैं। रेलवे, पुलिस और प्रशासन भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतजार में है। प्रशासन के स्तर पर तैयारी पूरी हैं।

इनकी फोर्स की हो गई तैनाती
आरपीएफ व पीएसी की पांच-पांच कंपनियां तैनात हो गई हैं। चार दिन बाद पैरामिलिट्री फोर्स की 14 कंपनियां भी पहुंच जाएगी। माहौल बेहद तनावपूर्ण है।
सकारात्मक कदम उठाए सरकार: मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अतिक्रमण हटाए जाने के मामले पर बयान जारी किया है। कहा है कि ठंड में अतिक्रमण हटाने के नाम पर हजारों गरीब व मुस्लिम परिवारों को उजाड़ने का अमानवीय कार्य अति-दुखद है। सरकार का काम लोगों को बसाना है, न कि उजाड़ना। सरकार इस मामले में जरूर सकारात्मक कदम उठाए।

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सर्वोच्च न्यायालय में कैविएट दाखिल करने वाले कौन हैं रविशंकर जोशी
2013 में हाईकोर्ट में हल्द्वानी के गौलापार निवासी रविशंकर जोशी ने जनहित याचिका दायर की। इस बीच याचिका में संशोधन के साथ चली सुनवाई के बाद 27 दिसंबर को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अतिक्रमण हटाने संबंधी सख्त आदेश
दिए हैं। इसी क्रम में इज्जतनगर मंडल रेलवे, नैनीताल जिला प्रशासन व पुलिस व्यापक तैयारियों में जुटी है। रविशंकर जोशी ने अब सर्वोच्च न्यायालय में कैविएट दाखिल की है।

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