Connect with us

नई दिल्ली

एक मुक्तक ‘आसमानों के सितारे ‘

Published

on

खबर शेयर करें 👉

आसमानों के सितारे,जब जमीं पर आ गये।


जुल्म के काले सभी,साये फिर घबरा गए।


अब न रहेगा इस जहाँ में,किसी अंधियारे का राज ।

यह भी पढ़ें 👉  एक जून से खुलेगी विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी, पर्यटकों के लिए शुरू हुई ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा


पानी से फिर सभी, दीप हैं जगमगा गये।

डॉ. कल्पना कुशवाहा ‘ सुभाषिनी ‘

Select Language

Advertisement