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उत्तराखण्ड

साइबर हमले के बाद राज्य में सतर्कता बरती जा रही, सचिवालय में डेटा सेंटर बनेगा

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देहरादून। राज्य में हाल ही में हुए साइबर हमले के बाद सरकार ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों में कंप्यूटर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। साथ ही, सभी विभागों को सुरक्षा ऑडिट का सर्टिफिकेट मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
साइबर हमले के बाद क्या हुआ?
* सोशल मीडिया पर प्रतिबंध: साइबर हमले के बाद राज्य सरकार ने सभी सरकारी कंप्यूटरों पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया है।
* सुरक्षित नेटवर्क: राज्य सरकार सभी सरकारी दफ्तरों को सुरक्षित स्वान नेटवर्क से जोड़ने का काम तेजी से कर रही है।
* वेबसाइटों का विश्लेषण: विशेषज्ञों की एक टीम राज्य के आईटीडीए के पूरे सिस्टम का विश्लेषण करके खामियों की रिपोर्ट देगी।
* सचिवालय में डेटा सेंटर: राज्य सचिवालय में जल्द ही एक डेटा सेंटर बनाया जाएगा ताकि स्टेट डेटा सेंटर का बैकअप रखा जा सके।
* सुरक्षा ऑडिट: सभी विभागों को सुरक्षा ऑडिट का सर्टिफिकेट मुहैया कराने को कहा गया है। बिना सिक्योरिटी ऑडिट किए कोई भी नई या पुरानी वेबसाइट संचालित नहीं होगी।
क्यों लिया गया ये फैसला?
साइबर हमले से राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा पैदा हो गया था। इसलिए सरकार ने इन उपायों को अपनाकर राज्य के डेटा को सुरक्षित रखने का फैसला किया है।
क्या हैं चुनौतियां?
* धीमी गति से काम: सुरक्षा उपायों के कारण कुछ समय के लिए सरकारी कामकाज धीमा हो सकता है।
* नई वेबसाइटों को शुरू करने में देरी: सभी वेबसाइटों को सुरक्षा ऑडिट कराना होगा, जिसके कारण नई वेबसाइटों को शुरू करने में देरी हो सकती है।
क्या है आगे का रास्ता?
* सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना: राज्य सरकार साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
* कर्मचारियों को प्रशिक्षण: सरकार के कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
* सहयोग: केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियां जैसे निक्सी, एनईजीडी, एनआईसी आदि राज्य सरकार को साइबर सुरक्षा में मदद कर रही हैं।

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