नई दिल्ली
भारत टैक्सी एप: 1 जनवरी से ओला-उबर की छुट्टी? सर्ज प्राइसिंग से मिलेगी राहत
1 जनवरी 2026 से लॉन्च होगा सरकारी सपोर्ट वाला भारत टैक्सी एप। नहीं लगेगा सर्ज प्राइसिंग, ड्राइवर्स को मिलेगा 80% हिस्सा। जानें इस नई राइड-हेलिंग सर्विस के फीचर्स।
नई दिल्ली। नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से भारत में राइड-बुकिंग के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति होने जा रही है। सरकार के सहयोग से तैयार किया गया ‘भारत टैक्सी एप’ आधिकारिक तौर पर लॉन्च होने के लिए तैयार है। यह देश का पहला राष्ट्रीय सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म होगा, जिसे सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन ने मिलकर विकसित किया है। इस एप का मुख्य उद्देश्य निजी एप्स की मनमानी को खत्म करना और यात्रियों के साथ-साथ ड्राइवरों को भी अधिक लाभ पहुंचाना है।
इस एप की सबसे बड़ी खूबी इसकी पारदर्शी किराया प्रणाली है। अक्सर ओला और उबर जैसे प्राइवेट एप्स में बारिश या पीक ऑवर्स (भीड़भाड़ के समय) के दौरान ‘सर्ज प्राइसिंग’ के नाम पर दोगुना-तिगुना किराया वसूला जाता है। ‘भारत टैक्सी एप’ में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं होगी, जिससे यात्रियों को हर मौसम और समय में एक समान और उचित किराए की सुविधा मिलेगी। इस एप के जरिए यूजर्स अपनी सुविधा अनुसार ऑटो, कार और बाइक राइड बुक कर सकेंगे।
ड्राइवर्स के लिए भी यह प्लेटफॉर्म किसी वरदान से कम नहीं है। वर्तमान में निजी एप्स भारी कमीशन काटते हैं, लेकिन भारत टैक्सी एप में ड्राइवर्स को कुल किराए का 80 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा मिलेगा। खास बात यह है कि इस मॉडल में ड्राइवर केवल पार्टनर नहीं, बल्कि ‘सह-मालिक’ की भूमिका में होंगे। इसके लिए सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ एक एमओयू (MoU) भी किया गया है। दिल्ली में लॉन्च से पहले ही करीब 56 हजार ड्राइवर्स ने इस पर अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है।
सुरक्षा के लिहाज से इस एप में रियल-टाइम व्हीकल ट्रैकिंग, पूरी तरह से वेरिफाइड ड्राइवर्स और 24 घंटे कस्टमर सपोर्ट जैसी सुविधाएं दी गई हैं। यह एप कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। हालांकि, इसकी शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली से हो रही है, लेकिन सरकार की योजना जल्द ही इसे देश के अन्य प्रमुख शहरों में विस्तार देने की है।
