Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: 10 साल की सेवा वाले उपनल कर्मचारियों को मिलेगा समान वेतन

CM धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 10 साल सेवा पूरी करने वाले उपनल कर्मचारियों को समान वेतन देने का निर्णय लिया गया। साथ ही केदारनाथ और पर्यटन पर भी बड़े फैसले।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के कर्मचारियों और विकास योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने 10 साल की सेवा पूरी करने वाले उपनल (UPNL) कर्मचारियों को ‘समान काम के लिए समान वेतन’ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सचिव गोपन शैलेश बगौली ने बताया कि इस फैसले का लाभ पहले चरण में उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 2015 से पहले नियुक्त हुए थे।
इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद अब सभी सरकारी विभागों को अपने यहाँ तैनात उपनल कर्मचारियों के साथ दो महीने के भीतर सीधा अनुबंध (Contract) करना होगा। अनुबंध के बाद इन कर्मचारियों का उपनल से संबंध समाप्त हो जाएगा। सरकार का यह कदम आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और कर्मचारियों के शोषण को रोकने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है। हालांकि, नियमितीकरण की नीति पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
कैबिनेट ने पर्यटन और पर्यावरण के क्षेत्र में भी बड़े बदलावों को हरी झंडी दी है। ‘उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय और होम स्टे नियमावली-2026’ को मंजूरी मिल गई है, जिससे राज्य में पर्यटन व्यवसाय को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। इसके साथ ही श्री केदारनाथ धाम में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनोखा पायलेट प्रोजेक्ट शुरू होगा, जिसमें खच्चरों के गोबर को इको-फ्रेंडली ईंधन पेलेट में बदला जाएगा।
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने अल्मोड़ा और चंपावत साइंस सेंटर के लिए 12 पद और दून विवि के हिंदू अध्ययन केंद्र के लिए 6 नए पदों को मंजूरी दी है। इसके अलावा, हरिद्वार स्थित उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम बदलकर अब ‘उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम्’ कर दिया गया है। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए एन्टीहेल नेट योजना पर राज्य सरकार अब 25 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान करेगी

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