देहरादून
उत्तराखंड में बड़ा राजनीतिक मंथन, उपपा ने उठाया राज्य के संकटों का मुद्दा
देहरादून में आयोजित परिवर्तन जनसंवाद में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने राज्य के बुनियादी मुद्दों पर की चर्चा। रामनगर में होगा द्विवार्षिक सम्मेलन।
देहरादून: उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) की ‘उत्तराखंड जनसंवाद यात्रा’ के तहत देहरादून की जैन धर्मशाला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस विशेष कार्यक्रम में राज्य की मौजूदा सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रदेश के कई प्रमुख जनपक्षीय संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लेकर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान **उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी** के अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने सत्ताधारी दलों पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी आंदोलन के मूल सपने आज तक अधूरे हैं। तिवारी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों ने प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को पूंजीपतियों और भू-माफियाओं के हवाले कर दिया है, जिससे राज्य गहरे संकट में है।
वक्ताओं ने बैठक में बेरोजगारी, बेकाबू महंगाई, महिला हिंसा, भर्ती घोटाले और लगातार हो रहे पलायन जैसे गंभीर मुद्दों पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान महिला मंच की कमला पंत और वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी सहित कई दिग्गजों ने जनपक्षीय ताकतों को एक मंच पर आने की वकालत की। उन्होंने कहा कि जनएकता के जरिए ही **उत्तराखंड राजनीति समाचार** को एक नई और सही दिशा दी जा सकती है।
अंत में उपपा के केंद्रीय महासचिव प्रभात ध्यानी ने एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक घोषणा की। उन्होंने बताया कि पार्टी का आगामी द्विवार्षिक सम्मेलन 1 और 2 जून 2026 को रामनगर में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में राज्य के वर्तमान हालातों और व्यापक जनएकता की रणनीति पर विस्तार से रणनीति तैयार की जाएगी, जिसमें राज्यभर के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल होंगे।
