देहरादून
देहरादून पुलिस की बड़ी कामयाबी: गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड का 1 लाख का इनामी यशराज गिरफ्तार
देहरादून पुलिस और STF ने कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड के मास्टरमाइंड यशराज सिंह को सहारनपुर से दबोचा। जानें कैसे रची गई थी जिम के बाहर मर्डर की साजिश।
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दून पुलिस और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने मर्डर की साजिश रचने वाले और एक लाख रुपये के इनामी अभियुक्त यशराज सिंह को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। यशराज अपने पिता के वकील से मशविरा करने सहारनपुर पहुंचा था, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
बीती 13 फरवरी को राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी जिम से बाहर निकलते समय विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। जांच में सामने आया कि यशराज सिंह ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या का पूरा खाका तैयार किया था। अभियुक्त ने अपने साथी अंकित वर्मा को विक्रम शर्मा की रेकी करने के लिए कई बार देहरादून भेजा था ताकि उसकी दिनचर्या की सटीक जानकारी मिल सके।
एसपी सिटी के अनुसार, अभियुक्त यशराज ने दिसंबर 2025 में भी विक्रम शर्मा को नोएडा और दिल्ली में मारने की कोशिश की थी, लेकिन भारी भीड़ के कारण वह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद हत्या के लिए देहरादून को चुना गया। यशराज ने ही आरोपी आकाश प्रसाद को रांची से दिल्ली आने के लिए हवाई जहाज का टिकट और खर्च के लिए पैसे मुहैया कराए थे। हालांकि, वारदात के वक्त यशराज अपनी मां की खराब सेहत के कारण खुद देहरादून नहीं आ सका, लेकिन उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी का इस्तेमाल इस हत्याकांड में किया गया।
घटना के बाद यशराज पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में अपनी बुआ के घर छिपा हुआ था। पुलिस ने इस मामले में उसके पिता राजकुमार सिंह को पहले ही झारखंड से गिरफ्तार कर लिया था। यशराज की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट जारी किए गए थे और उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि फरार चल रहे अन्य आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके। यह गिरफ्तारी दून पुलिस की अपराध के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का एक बड़ा उदाहरण है।
