उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ-यमुनोत्री में घोड़ा-खच्चरों के लिए नई SOP जारी, रात में संचालन पर रोक
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम और आदि कैलाश यात्रा मार्गों पर घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए नई एसओपी (SOP) जारी की है। नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त कर FIR दर्ज होगी।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम और आदि कैलाश यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और अश्ववंशीय पशुओं (घोड़ा-खच्चर) के कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक नवीन मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। अपर सचिव संतोष बडोनी द्वारा निदेशक पशुपालन को भेजे गए शासनादेश के अनुसार, यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इस नई नीति के तहत माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों के क्रम में पहली बार यात्रा मार्गों की वहन क्षमता तय की गई है।
नए नियमों के अनुसार अब केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अधिकतम 5000, हेमकुण्ड साहिब मार्ग पर 1050 और यमुनोत्री मार्ग पर केवल 595 घोड़ा-खच्चरों के संचालन की ही अनुमति होगी। यात्रा मार्गों पर चलने वाले सभी पशुओं का जिला प्रशासन और जिला पंचायत के पास अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण से पहले पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, ग्लैंडर्स जांच, इयर टैगिंग और माइक्रोचिपिंग की जाएगी। पशुओं के इस स्वास्थ्य प्रमाणपत्र की वैधता केवल 45 दिनों की होगी, जिसके बाद दोबारा जांच करानी अनिवार्य होगी। नई एसओपी में पशु कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यात्रा मार्गों पर पशुओं पर अधिक भार लादने, बीमार पशुओं से काम लेने, उन्हें पीटने और तेज दौड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई भी पशुस्वामी पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 और भारतीय न्याय संहिता के तहत दोषी पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस तुरंत निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
पशुओं की सुविधा के लिए प्रत्येक एक किलोमीटर पर स्वच्छ व गुनगुने पानी, चारे और इलेक्ट्रोलाइट की व्यवस्था पशुस्वामी को करनी होगी। साथ ही, सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पशुओं का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए टोकन केवल सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही बांटे जाएंगे। खराब मौसम या बर्फबारी की स्थिति में संचालन तुरंत रोक दिया जाएगा। बीमार व घायल पशुओं के इलाज के लिए यात्रा मार्गों पर 24 घंटे चिकित्सालय और हेल्पलाइन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
