उत्तराखण्ड
सिनेमा के जरिए चमकेगी उत्तराखंड की संस्कृति: ‘वेलकम-3’ अभिनेता हेमंत पांडे ने दिया बड़ा बयान
सिने अभिनेता हेमंत पांडे ने नैनीताल में कहा कि कुमाऊंनी और गढ़वाली लोक गाथाओं को हाईटेक तकनीक के साथ वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत है। जानें उनके सुझाव।
नैनीताल। प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता हेमंत पांडे ने कहा है कि उत्तराखंड की कुमाऊंनी और गढ़वाली पौराणिक गाथाओं में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की अद्भुत क्षमता है। नैनीताल प्रवास के दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने जोर दिया कि यदि इन लोक कथाओं को आधुनिक तकनीक के साथ रुपहले पर्दे पर उतारा जाए, तो इन्हें दुनिया भर में सराहा जाएगा। पांडे के अनुसार, पहाड़ की कहानियों में गहरा संघर्ष और सच्ची भावनाएं छिपी हैं।
हेमंत पांडे ने स्पष्ट किया कि आज की युवा पीढ़ी वैश्विक कंटेंट और हाईटेक वेब सीरीज देख रही है। ऐसे में हमें अपनी लोक संस्कृति को भी उसी ऊंचे स्तर पर पेश करना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी कहानियां अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के मानकों को पूरा नहीं करेंगी, तब तक युवाओं को इनसे जोड़ना मुश्किल होगा। वे स्वयं लंबे समय से क्षेत्रीय संस्कृति को फिल्मों के माध्यम से बढ़ावा देने में जुटे हैं।
पहाड़ की प्रतिभाओं को लेकर उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया। अभिनेता ने कहा कि ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट’ (FTI) को तराई के बजाय सीधे पहाड़ों में स्थापित किया जाना चाहिए। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को अभिनय और तकनीकी प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे। प्रशिक्षण मिलने से स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
हेमंत पांडे ने अपनी आगामी फिल्म के बारे में भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही बड़े पर्दे पर फिल्म ‘वेलकम-3’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में वे बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार के साथ अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़े मंचों पर काम करते हुए वे हमेशा अपनी जड़ों और उत्तराखंडी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।
अंत में उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपनी जड़ों को भूलना नहीं चाहिए। अगर हम अपनी संस्कृति को आधुनिक रंग-रूप में ढाल सकें, तो यह हमारे राज्य के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। उत्तराखंड की कहानियों में वह जादू है जो दुनिया को मंत्रमुग्ध कर सकता है।
