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उत्तराखंड पुलिस

देहरादून रेलवे स्टेशन से साइबर ठग गिरफ्तार: वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल कर 25 लाख की ठगी, एसटीएफ उत्तराखंड की बड़ी कार्रवाई

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देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), उत्तराखंड के निर्देशन में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून ने साइबर अपराध के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक शातिर साइबर ठग को रेलवे स्टेशन, देहरादून से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सल्लू पुत्र सलीम खान, निवासी ग्राम ललवाड़ी, तहसील निवाई, थाना दतवाश, जिला टोंक (राजस्थान) के रूप में हुई है।

अभियुक्त ने फर्जी दिल्ली क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर एक पीड़ित को वीडियो कॉल के माध्यम से भयभीत किया और आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया व परिवार में वायरल करने की धमकी दी। इस मानसिक दबाव और बदनामी के डर से पीड़ित ने मार्च से अप्रैल 2025 के बीच लगभग 25 लाख रुपये आरोपी को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

एसटीएफ द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आए कि सल्लू पिछले दो वर्षों से देहरादून के विकासनगर क्षेत्र के बाड़वाला में रह रहा था और स्थानीय लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम से बैंक खाते और सिम कार्ड खुलवाता था। अब तक वह 30–40 फर्जी बैंक खाते इसी तरीके से खोल और बेच चुका है, जिन्हें वह साइबर ठगी में प्रयोग करता था।

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गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 01 मोबाइल फोन, 08 पासबुक, 04 डेबिट कार्ड और 02 सिम कार्ड्स बरामद किए गए हैं। साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्य जैसे कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप डाटा, बैंक खाते और लेनदेन की विस्तृत जांच कर आरोपी को ट्रैक किया और दबोच लिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, श्री नवनीत सिंह ने बताया कि यह ठग विभिन्न राज्यों में भी साइबर अपराधों में संलिप्त रहा है और उसके विरुद्ध कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क कर विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है।

पूरी कार्रवाई में निरीक्षक विजय भारती, उपनिरीक्षक हिम्मत सिंह, रमन बिष्ट, कांस्टेबल नीरज नेगी और योगेश्वर कान्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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साइबर ठगी का तरीका: आरोपी वीडियो कॉल कर खुद को अधिकारी बताता, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता, और डर के कारण लोग मोटी रकम ट्रांसफर कर देते थे। बैंक खातों की श्रृंखला बनाकर राशि को आगे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।

जनता से अपील:
एसटीएफ ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लालच, फर्जी निवेश योजनाओं, अज्ञात कॉल्स, या सोशल मीडिया संपर्कों से सावधान रहें। ऑनलाइन जॉब या निवेश के लिए पहले संबंधित वेबसाइट और कंपनी की पूरी जांच करें। फर्जी कस्टमर केयर नंबरों से बचें और संदिग्ध स्थिति में तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

उत्तराखंड एसटीएफ साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान चला रही है और नागरिकों की जागरूकता से ही इस अपराध को रोका जा सकता है।

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