Report by : CWN Desk
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देहरादून में नकली जीवन रक्षक दवाओं का खुलासा: अंतरराज्यीय रैकेट का मास्टरमाइंड फैक्ट्री संचालक गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने जीवन रक्षक नकली दवाओं के अंतरराज्यीय रैकेट में बड़ी सफलता हासिल करते हुए चौथे आरोपी और मुख्य सरगना देवी दयाल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी देहरादून स्थित डॉ. मित्तल लैबोरेट्रीज़ का संचालक है, जिसकी फैक्ट्री से करोड़ों रुपये की नकली दवाएं तैयार कर देश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई की जा रही थीं।

एसटीएफ के अनुसार, इन नकली दवाओं को प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम और रैपर में पैक कर बाजार में उतारा जाता था। इनमें खतरनाक केमिकल मिलाए जाते थे, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि यह रैकेट 2021 से सक्रिय था और 2025 तक आरोपी ने लगभग 1 करोड़ 42 लाख टैबलेट व दो लाख से अधिक कैप्सूल अवैध रूप से तैयार कर नवीन बंसल को सप्लाई किए।

एसटीएफ प्रमुख नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में चल रही जांच में अब तक गिरोह के तीन अन्य सदस्य—संतोष कुमार, नवीन बंसल और आदित्य काला—पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ एक जून को तब हुआ, जब संतोष कुमार को नकली दवाओं के रैपर, लेबल और क्यूआर कोड के साथ गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी के बाद ड्रग विभाग ने सहसपुर क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री को सील कर दिया है। एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह रैकेट हरियाणा, दिल्ली, भिवाड़ी और राजस्थान सहित कई राज्यों में नकली दवाओं की आपूर्ति कर रहा था।

एसटीएफ का कहना है कि यह केवल एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है और आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच और विस्तार से की जा रही है। इस खुलासे से स्वास्थ्य सुरक्षा पर मंडरा रहे गंभीर खतरे की पुष्टि हुई है।

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