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उत्तराखण्ड

जंगल में आग लगाने वाले के खिलाफ होगी एफआईआर, सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम

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देहरादून। प्रदेश के जंगल में आग की घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में जंगलात ने वनाग्नि नियंत्रण को लेकर कदम उठाने के साथ ही जंगल में आग लगाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी की है। नैनीताल वन प्रभाग के अनुसार आग लगाने वाले की साक्ष्य सहित पुष्ट जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान को गोपनीय रखने के साथ दस हजार का इनाम दिया जाएगा। साथ ही मुकदमा भी दर्ज होगा।
सर्दियों में बरसात और बर्फ न गिरने से जंगल में नमी नहीं है। जंगल शुष्क हो चुके हैं और तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। अब तक प्रदेश में वनाग्नि की 173 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें 188 हेक्टेयर में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।  नैनीताल वन प्रभाग के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी कहते हैं कि जंगल में आग लगाते हुए पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। आग लगाने वाले के बारे में साक्ष्य समेत सूचना देने वाले की जानकारी गोपनीय रखने के साथ दस हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। अब तक नैनीताल वन प्रभाग में जंगल की आग की 22 घटनाएं हुई हैं।
सुल्तान नगरी और हनुमानगढ़ी में दो बड़े लीसा डिपो हैं। वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं के बाद इन्हें सुरक्षित रखने के लिए जंगलात महकमे की नींद उड़ी हुई है। यहां पर करीब 60 हजार क्विंटल ज्वलनशील लीसा रखा हुआ है। इनके लीसा टिन पर पानी के छिड़काव के लिए स्प्रिंकलर लगे हुए हैं। सुरक्षा की दूसरी व्यवस्था भी है। डीएफओ चंद्रशेखर जोशी कहते हैं कि यहां पर पहले से तैनात वनकर्मियों के अलावा 12 फायर वॉचर और रखे गए हैं। पानी समेत दूसरी व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां पर जल संस्थान की निश्चित समय पर पानी की आपूर्ति होती है। यहां हमारे स्प्रिंकलर लगे हुए हैं। इन सबको देखते हुए 24 घंटे पानी आपूर्ति के लिए जल संस्थान को पत्र लिखा गया है।

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