हल्द्वानी
हल्द्वानी समाचार: कैंची धाम स्थापना दिवस पर होली ग्राउंड में सुंदरकांड और महाभोग आज
हल्द्वानी के होली ग्राउंड में कैंची धाम स्थापना दिवस पर बाबा भक्त सेवा दल द्वारा सुंदरकांड, चालीसा पाठ और महाभोग का भव्य आयोजन किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र पावन कैंची धाम के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में आज एक भव्य धार्मिक उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। बाबा नीम करोली महाराज जी की असीम अनुकंपा से “बाबा भक्त” (सेवा दल) हल्द्वानी द्वारा इस विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। इस मांगलिक उत्सव को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और बाबा के भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
यह आध्यात्मिक आयोजन आज यानी 15 जून दिन सोमवार को हल्द्वानी के सिन्धी चौराहा स्थित प्रसिद्ध होली ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। सेवा दल द्वारा आयोजित किया जा रहा यह अपने आप में प्रथम और भव्य आयोजन है। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोचार और बाबा नीम करोली महाराज के चरणों में दीप प्रज्वलित कर की जाएगी। इसके बाद सामूहिक रूप से सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ होगा।
धार्मिक कार्यक्रम के अंतर्गत सुंदरकांड पाठ के समापन के बाद हनुमान चालीसा और बाबा चालीसा का विशेष पाठ किया जाएगा। इसके साथ ही सुप्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा बाबा के भजनों और दिव्य संकीर्तन की प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठेगा। संकीर्तन के बाद बाबा नीम करोली महाराज को विशेष भोग लगाया जाएगा, जिसके बाद विशाल “महाभोग प्रसादी” का वितरण शुरू होगा।
“बाबा भक्त” (सेवा दल) के प्रमुख पदाधिकारी पवन नागर ने बताया कि इस पावन स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने हल्द्वानी और आस-पास के सभी क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस मांगलिक और आध्यात्मिक आयोजन में अपने परिवार व मित्रों सहित सम्मिलित हों। श्रद्धालु यहां पहुंचकर बाबा का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और महाभोग प्रसादी ग्रहण कर सकते हैं।
कैंची धाम स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले इस सुंदरकांड और संकीर्तन कार्यक्रम में हजारों भक्तों के जुटने की संभावना है। आयोजन समिति ने सुरक्षा, बैठक व्यवस्था और प्रसादी वितरण के लिए वालंटियर्स की टीमें तैनात की हैं। सिन्धी चौराहा और होली ग्राउंड क्षेत्र को बाबा के स्वागत के लिए सुंदर रोशनी और फूलों से सजाया गया है।
