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हरिद्वार

चारधाम यात्रा में उमड़ी भारी भीड़: श्रीनगर में रोके गए यात्री, बदरीनाथ में 6.70 लाख पहुंचे

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चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने से चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी ट्रैफिक जाम। श्रीनगर में बैरियर लगाकर रोके गए यात्री, ऋषिकेश-हरिद्वार में रजिस्ट्रेशन बंद।

श्रीनगर/हरिद्वार: उत्तराखंड में चल रही विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नया रिकॉर्ड बना रही है। केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुण्ड साहिब की यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के अत्यधिक दबाव के कारण अब यात्रा रूटों पर प्रशासनिक मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। मंगलवार देर रात तहसील प्रशासन श्रीनगर ने बड़ा फैसला लेते हुए आगे बढ़ रहे यात्रियों को श्रीनगर बाजार चौकी के पास बैरियर लगाकर रोक दिया। रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में लगातार लग रहे भारी जाम को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
तहसीलदार श्रीनगर दीपक भंडारी ने इस आपातकालीन व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद में वाहनों का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। यात्रियों की सुरक्षा और यातायात को सुचारू रखने के लिए ही श्रद्धालुओं को देर रात श्रीनगर में रोकने का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने यात्रियों से श्रीनगर के स्थानीय होटलों और धर्मशालाओं में रुकने की अपील की है। इसके साथ ही, उनके वाहनों की सुरक्षित पार्किंग के लिए आवास विकास मैदान और एनआईटी (NIT) ग्राउंड को चिह्नित किया गया है।
दूसरी तरफ, बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। इस यात्रा सीजन में मंगलवार तक शुरुआती 33 दिनों के भीतर ही 6 लाख 70 हजार से अधिक रिकॉर्ड श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंच चुके हैं। मंगलवार को दोपहर तक ही 30 हजार से ज्यादा भक्तों ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। यहाँ सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लगभग तीन किलोमीटर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर रात शयन आरती के समय तक लगातार चलती रहीं। स्थिति सामान्य होने पर ही आगे के यात्रियों को श्रीनगर से छोड़ा जाएगा।
भीड़ बढ़ने के बीच हरिद्वार और ऋषिकेश में चारधाम यात्रा के निशुल्क पंजीकरण केंद्रों पर अव्यवस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। ऋषिकुल मैदान स्थित केंद्र पर मंगलवार को सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक ही रजिस्ट्रेशन किए गए। काउंटर बंद होने के समय भी हजारों श्रद्धालु लाइन में खड़े थे, जिन्हें बिना पंजीकरण के मायूस होकर लौटना पड़ा। झारखंड से आए यात्री छोटेलाल ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से लगातार चक्कर काट रहे हैं, जिससे उनका होटल का खर्च लगातार बढ़ रहा है और यात्रा अधर में लटकी हुई है।

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