उधमसिंह नगर
किच्छा में पुलिस ने रुकवाया बाल विवाह: मंदिर में हो रही थी नाबालिगों की शादी, परिजनों पर केस दर्ज
किच्छा के पुलभट्टा में 15 वर्षीय किशोरी और 17 वर्षीय किशोर का बाल विवाह रुकवाया गया। एनजीओ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद परिजनों पर मुकदमा दर्ज।
किच्छा: ऊधम सिंह नगर जिले के थाना पुलभट्टा क्षेत्र में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एक गांव के मंदिर में गुपचुप तरीके से कराए जा रहे नाबालिग वर-वधू के विवाह को पुलिस और बाल विवाह रोकथाम टीम ने मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया। इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों के परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, ‘इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट’ नामक एनजीओ की टीम को बुधवार को गुप्त सूचना मिली थी कि पुलभट्टा क्षेत्र के एक गांव के मंदिर में बाल विवाह संपन्न कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही संस्था की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी ने तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस कंट्रोल रूम 112 को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बाल विवाह रोकथाम टीम और पुलभट्टा पुलिस ने संयुक्त रूप से मंदिर में छापेमारी की।
मौके पर की गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दस्तावेजों के अनुसार, विवाह कर रही वधू की उम्र मात्र 15 वर्ष 10 माह पाई गई, जबकि दूल्हे की उम्र 17 वर्ष 4 माह मिली। दोनों ही कानूनन विवाह की निर्धारित आयु सीमा से कम थे। पुलिस ने तुरंत विवाह की रस्मों को रुकवाया और दोनों नाबालिगों को संरक्षण में लेकर काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की।
परियोजना निदेशक की तहरीर के आधार पर पुलभट्टा पुलिस ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत वर और वधू दोनों के परिजनों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समाज में व्याप्त इस कुप्रथा के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जो भी इस प्रकार के कृत्यों में शामिल होगा, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी को दर्शाता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह जैसी घटनाएं होती हैं, तो तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। समय पर मिली जानकारी से न केवल एक मासूम का भविष्य बचाया जा सकता है, बल्कि समाज को इस अपराध से भी मुक्त किया जा सकता है।
