Report by : CWN Desk
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जमरानी बांध परियोजना को 48 साल के बाद केंद्र सरकार से बजट की मंजूरी मिली

इतने सालों में बजट 61.25 करोड़ से बढ़कर 2584.10 करोड़ पहुंचा
हल्द्वानी। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर जिले के भाबर क्षेत्र के साथ ही उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण जमरानी बांध परियोजना को 48 साल के बाद केंद्र सरकार से बजट की मंजूरी मिल गई है। अब अगले पांच साल के बाद इन क्षेत्रों को सिंचाई के साथ ही हल्द्वानी को पेयजल के लिए पानी मिलने की उम्मीद जगी है।
जमरानी बांध परियोजना कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र से दस किमी दूर गौला नदी के अपस्ट्रीम पर बनाई जानी है। हल्द्वानी में बढ़ती पेयजल की मांग और उत्तर प्रदेश के नजदीकी जिलों में सिंचाई संकट को दूर करने के लिए बांध निर्माण की मांग 60 के दशक में उठनी शुरू हुई। 1968 की गर्मियों में तराई भाबर के भ्रमण पर आए तत्कालीन केंद्रीय विद्युत मंत्री केएल राव से भी किसानों ने बांध निर्माण की मांग की थी। विशेषज्ञों के सर्वेक्षण के बाद 1975 में जमरानी बांध परियोजना को भारत सरकार ने मंजूरी दी। वहीं सन 1976 में स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री केसी पंत ने इसका शिलान्यास किया। अब केंद्रीय कैबिनेट से बजट से मंजूरी मिलने के बाद 48 साल का इंतजार खत्म होने जा रहा है। योजना के अनुसार अगले पांच सालों में पेयजल के साथ ही सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने भी इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया था।
जमरानी बांध परियोजना मंजूरी के बाद जल्द बजट की मंजूरी नहीं मिल सकी। ऐसे में 48 साल का समय बीत गया। जब योजना मंजूर हुई थी तो इसका बजट महज 61.25 करोड़ रुपये था, लेकिन अब बांध की लागत आज 2584.10 करोड़ रुपये पहुंच गई है। पिछली सरकारों ने बांध परियोजना के लिए बजट मंजूर नहीं किए जाने के कारण हर साल बांध का बजट बढ़ता ही गया है। केन्द्र से बजट की मंजूरी के बाद अब परियोजना के निर्माण की उम्मीद को पंख लग गए हैं। लोगों को लंबे समय से इस बांध का इंतजार है।

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