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कोटद्वार

कोटद्वार: अब सिमली गांव में आदमखोर बाघ ने रिटायर्ड शिक्षक को बनाया निवाला

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घर से कुछ दूर शव गदेरे से मिला, हफ्ते के भीतर दूसरी घटना, ग्रामीणों में दहशत

कोटद्वार। पौड़ी जिले के नैनीडांडा ब्लॉक के अंतर्गत सिमली गांव में आदमखोर बाघ ने अब 70 वर्षीय रणवीर सिंह को अपना निवाला बना दिया। रणवीर सिंह का शव घर से कुछ ही दूर गधेरे से मिला है। एक हफ्ते में कोटद्वार क्षेत्र में आदमखोर बाघ के हमले की दूसरी घटना है। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गुस्सा फूटने लगा है।

पुलिस के मुताबिक रणवीर सिंह रिटायर्ड शिक्षक थे। उनकी पत्नी देहरादून अपने बच्चों के पास गई थी। आजकल वो घर मे अकेले रहते थे। सुबह घर से करीब 60 मीटर दूर उनका शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव पर बाघ के हमले के निशान हैं। शव गदेरे तक कैसे पहुंचा, इसको लेकर आशंका जताई जा रही कि वो कल रात रणवीर सिंह शौच के लिए शायद घर से बाहर आए होंगे। तभी घात लगाए बाघ ने हमला कर दिया और उठाकर ले गया होगा। गढ़वाल वन प्रभाग के रेंज अधिकारी महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। शव पर बाघ के हमले के निशान हैं। मालूम हो कि गुरुवार को रिखणीखाल में घर के पास से खेत मे काम करते बुजुर्ग बीरेंद्र सिंह को बाघ उठाकर ले गया था। उनका शव भी ग्रामीणों को गधेरे से मिला था। हफ्ते के भीतर बाघ के हमले की दूसरी घटना से ग्रामीणों में दहशत बनी है।

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गुरुवार शाम रिखणीखाल प्रखंड के अंतर्गत ग्रामसभा मेलधार के तोकग्राम डल्ला के ग्राम लड्वासैंण में बुजुर्ग वीरेंद्र सिंह (66) को निवाला बनाया था। ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद भी बाघ ने करीब एक घंटे तक वीरेंद्र सिंह को दबोच कर रखा। बाद में ग्रामीणों ने मशालें जलाकर फेंकी तो बाघ वहां से कुछ दूरी पर झाडि़यों में चला गया। इसके बाद ग्रामीण शव को लेकर घर पहुंचे। बाघ के आतंक से ग्रामीण खेतों और जंगल जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।

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