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देहरादून सब रजिस्ट्रार कार्यालय के रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में पीलीभीत से मक्खन सिंह गिरफ्तार

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जनता दरबार में शिकायत के बाद फर्जीवाड़े से उठा पर्दा, सीएम के दखल के बाद मामले की शुरू हुई जांच
देहरादून। रजिस्ट्री फर्जीवाड़े समेत मूल रिकॉर्ड गायब किए जाने के मामले में शहर कोतवाली पुलिस के हाथ पहली सफलता लगी है। प्रकरण में पुलिस ने पीलीभीत के पूरनपुर तहसील के नगरिया निवासी मक्खन सिंह को गिरफ्तार किया है।
मक्खन सिंह को पीलीभीत से ही गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी दून के सब रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकार्ड रूम में सेंधमारी कर फर्जी रजिस्ट्री तैयार किए जाने के मामले में हुई है। दूसरी तरफ, रैनापुर प्रकरण में मक्खन सिंह के नाम का उल्लेख है। इस प्रकरण में पुलिस ने अभी अज्ञात में ही मुकदमा पंजीकृत किया है।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन संदीप श्रीवास्तवने बताया कि जिलाधिकारी के जनता दरबार एवं शिकायत के अन्य पटल पर दर्ज कराई गई शिकायत के क्रम में उप निबंधक कार्यालय प्रथम एवं द्वितीय के अभिलेखों का निरीक्षण कराया गया। इसमें उप निबंधक कार्यालय की ओर से धारित जिल्दों में प्रथम दृष्टयता अभिलेखों से छेड़छाड़ किए जाने का मामला सामने आया।
अपर जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक प्रारंभिक रूप से वर्ष 1978 व वर्ष 1984 की छह रजिस्ट्रियों/भूमि अभिलेखों में फर्जीवाड़ा किया गया है। जिसमें भूमाफिया ने रिकॉर्ड में हेरफेर कर स्वामित्व बदल डाले और मूल रिकॉर्ड तक गायब कर दिए गए। जांच के मुताबिक फर्जी रजिस्ट्रियों में हाथ की लिखावट, स्याही, मुहर और पेज में भिन्नता पाई गई है। इस मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
सब रजिस्ट्रार कार्यालय में सामने आए रजिस्ट्री फर्जीवाड़े की जांच में अन्य प्रकरणों के साथ मक्खन सिंह की रजिस्ट्री को भी फर्जी पाया गया। मूल रजिस्ट्री को गायब कर उसकी जगह फर्जी रजिस्ट्री दर्ज किए जाने के साथ राजस्व अभिलेखागार से भी मूल पत्रावली गायब पाई गई। खैर, एक प्रकरण में मक्खन सिंह की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि अन्य प्रकरणों में भी पुलिस की ओर से जल्द बड़ी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

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