अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
सल्ट में आदमखोर बाघ कैद: दहशत का अंत, दो लोगों की जान लेने वाला शिकारी ट्रैंकुलाइज
सल्ट में आतंक का पर्याय बना आदमखोर बाघ आखिरकार पकड़ा गया। CTR की टीम ने बाघ को ट्रैंकुलाइज किया। जानें पूरी खबर और ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत के बारे में।
अल्मोड़ा। जिले के सल्ट क्षेत्र में पिछले एक महीने से फैला मौत का साया अब खत्म हो गया है। कॉर्बेट और कालागढ़ टाइगर रिजर्व से सटे तड़म गांव में ग्रामीणों को अपना निवाला बनाने वाले आदमखोर बाघ को आखिरकार वन विभाग ने कैद कर लिया है। बीती देर रात सीटीआर (CTR) के विशेषज्ञ शूटरों के दल ने सटीक रणनीति के तहत बाघ को ट्रैंकुलाइज कर बेहोश किया। इस सफलता के बाद पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
यह बाघ पिछले एक महीने में दो मासूम जिंदगियां छीन चुका था। 31 मार्च को इसने खीम सिंह पर हमला किया था, वहीं 3 मई को बौरड़ा तोक के 55 वर्षीय महिपाल सिंह मेहरा को मार डाला था। महिपाल अपनी पत्नी के साथ घास लेकर घर लौट रहे थे, तभी घात लगाए बाघ ने उन पर जानलेवा हमला किया। इन घटनाओं के बाद से ही सल्ट के कई गांवों में शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता था।
बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। डीएफओ दीपक सिंह के नेतृत्व में ड्रोन और ट्रैप कैमरों के जरिए बाघ की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही थी। वन क्षेत्राधिकारी गंगाशरण की अगुआई में 30 सदस्यीय टीम और विशेषज्ञ शूटरों ने तड़म गांव के पास डेरा डाला हुआ था। जब बाघ बीती रात फिर से आबादी की ओर बढ़ा, तो टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से बेहोश कर दिया।
पकड़े गए वयस्क नर बाघ को तुरंत रामनगर स्थित कॉर्बेट रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। बाघ के पकड़े जाने के बाद अब पिछले पांच दिनों से बंद पड़े तीन सरकारी स्कूल फिर से खुलेंगे। हालांकि, प्रशासन ने एहतियातन गश्त जारी रखने का निर्णय लिया है। स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए वन कर्मी अभी कुछ दिनों तक निगरानी जारी रखेंगे ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
