Connect with us

नई दिल्ली

माँ

Published

on

खबर शेयर करें 👉

आज नहीं जो हो पाती है,
बेशक कल हो जाती है।
माँ जब साथ में होती है,
हर मुश्किल हल हो जाती है।
बस मेहनत की रोटी खाना,
कह हाथ फेरती है सिर पर।
हर बूँद पसीने की माथे की,
गंगाजल हो जाती है।

यह भी पढ़ें 👉  कांवड़ मेले को लेकर इंटरस्टेट समन्वय बैठक सम्पन्न, सुरक्षा और समन्वय पर रहा विशेष जोर

माँ न रही हो पूज्य जगत में
ऐसा कोई दौर नहीं,
माँ के शीतल आँचल जैसा
दिखता कोई ठौर नहीं,
लाखों रिश्ते मिल जायें पर
बच्चे करते गौर नहीं,
उनकी खातिर माँ से बेहतर
दुनिया में कोई और नहीं।

यह भी पढ़ें 👉  बचपन में मारे थप्पड़ का बदला दूल्हे को गोली मारकर लिया, बोला हिसाब बराबर, काशीपुर की घटना

देवेश द्विवेदी ‘देवेश

Select Language

Advertisement