नैनीताल
हल्द्वानी और भीमताल में मातम: दो मासूमों की दर्दनाक मौत से दहल उठा जिला
हल्द्वानी के काठगोदाम में ऑटो से गिरकर ढाई महीने की बच्ची और भीमताल के ओखलकांडा में पानी के टैंक में डूबने से 5 वर्षीय मासूम की मौत। क्षेत्र में शोक की लहर।
हल्द्वानी/भीमताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले से मंगलवार को दो बेहद दुखद खबरें सामने आईं। अलग-अलग हादसों में दो परिवारों के चिराग बुझ गए। पहली घटना काठगोदाम क्षेत्र की है, जहाँ एक ढाई महीने की मासूम बच्ची की ऑटो से गिरकर मौत हो गई। वहीं, दूसरी घटना भीमताल के ओखलकांडा की है, जहाँ पानी के टैंक में डूबने से एक 5 वर्षीय बालक की जान चली गई। इन घटनाओं के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
**मां की गोद से छिटकी मासूम, अस्पताल में तोड़ा दम**
काठगोदाम एसओ विमल मिश्रा के अनुसार, लालकुआं निवासी सेना के जवान विक्रम बिष्ट की पत्नी सुमन अपनी ढाई महीने की बेटी गोरी के साथ ऑटो से काठगोदाम पहुंची थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ऑटो से उतरते समय सुमन को अचानक चक्कर आ गया, जिससे बच्ची उनकी गोद से जमीन पर गिर गई। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण बच्ची को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए हादसे की सही वजह तलाश रही है।
**खेलते समय पानी के टैंक में गिरा 5 वर्षीय निर्मल**
दूसरी ओर, भीमताल के ओखलकांडा ब्लॉक के पश्यां गांव में एक और दर्दनाक हादसा हुआ। यहाँ राजू बिष्ट का 5 वर्षीय पुत्र निर्मल घर के पास खेलते समय अचानक पानी के टैंक में जा गिरा। काफी देर तक बच्चे के न दिखने पर जब तलाश शुरू हुई, तो उसका शव टैंक में तैरता मिला। आनन-फानन में उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं। शाम को गमगीन माहौल में मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
**सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल**
इन दोनों घटनाओं ने पहाड़ी क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा और आकस्मिक दुर्घटनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर काठगोदाम पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है, वहीं भीमताल के ग्रामीण खुले पानी के टैंकों को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि छोटे बच्चों के साथ यात्रा करते समय और घरों के आसपास बने टैंकों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतें ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
