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हल्द्वानी

मुंबई-काठगोदाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस अब हुई नियमित, जानें समय सारणी और रूट

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कुमाऊं के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। सांसद अजय भट्ट के प्रयासों से मुंबई-काठगोदाम सुपरफास्ट ट्रेन अब नियमित रूप से चलेगी।

हल्द्वानी: उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के रेल यात्रियों और महाराष्ट्र में रह रहे उत्तराखंड प्रवासियों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और वर्तमान क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट के लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम सुपरफास्ट ट्रेन को अब नियमित रूप से चलाने की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी निर्णय के बाद सांसद अजय भट्ट ने देश के केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विशेष आभार व्यक्त किया है।
रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पहले विशेष (स्पेशल) गाड़ी के रूप में चलाई जा रही ट्रेन संख्या 09075/09076 मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम सुपरफास्ट को अब नियमित स्वरूप दे दिया गया है। अब इस ट्रेन को नए स्थायी नंबरों 21907 और 21908 के तहत संचालित किया जाएगा। सांसद अजय भट्ट ने क्षेत्रवासियों की मांग को देखते हुए रेल मंत्रालय के समक्ष कई बार यह विषय उठाया था, जिसके बाद मंत्रालय ने जनहित में इस महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को अपनी हरी झंडी दे दी है।
संशोधित समय सारणी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 21907 मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित संचालन 27 मई 2026 से हर बुधवार को मुंबई सेंट्रल से शुरू होगा। यह ट्रेन बुधवार सुबह 10:55 बजे मुंबई से रवाना होकर अगले दिन हल्द्वानी होते हुए दोपहर 1:50 बजे काठगोदाम पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 21908 काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस 28 मई 2026 से हर गुरुवार शाम 5:30 बजे काठगोदाम से चलेगी और अगले दिन रात 9:00 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।
यह सुपरफास्ट ट्रेन यात्रा के दौरान हल्द्वानी, लालकुआं, किच्छा, बहेड़ी, बरेली, मथुरा, कोटा, रतलाम, वडोदरा और सूरत जैसे कई प्रमुख और व्यापारिक रेलवे स्टेशनों पर ठहराव करेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में कुल 18 आधुनिक कोच लगाए जाएंगे, जिनमें सामान्य श्रेणी, शयनयान (स्लीपर), एसी थर्ड और एसी सेकेंड श्रेणी के डिब्बे शामिल रहेंगे। कुमाऊं क्षेत्र के स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने रेलवे के इस बड़े फैसले का दिल से स्वागत करते हुए इसे पर्यटन और व्यापार के लिए मील का पत्थर बताया है।

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