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नैनीताल

नैनीताल में पिटबुल और अमेरिकन बुलडॉग पालने वालों पर शिकंजा, नोटिस जारी

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नैनीताल: नैनीताल नगर पालिका ने शहर में बढ़ते कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। नगर पालिका ने पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए अभियान चलाया था, लेकिन कई लोगों ने अभी तक अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण नहीं कराया है।


प्रतिबंधित नस्लों पर नजर
खासकर प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों को पालने वाले लोग अभी भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। नगर पालिका ने शिकायतों के आधार पर एक सर्वे शुरू किया है जिसमें शहर में पाले जा रहे कुत्तों की नस्लों की जांच की जा रही है। इस सर्वे में आवागढ़ और मल्लीताल क्षेत्र में दो लोगों के पास प्रतिबंधित नस्ल के पिटबुल और अमेरिकन बुलडॉग पाए गए हैं।

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नोटिस जारी
इन दोनों लोगों को नगर पालिका ने नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें पालिका में चालान जमा करने के साथ ही अपने कुत्तों का बधियाकरण और रैबीज टीकाकरण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उन्हें एक शपथ पत्र भी देना होगा जिसमें वे यह स्वीकार करेंगे कि वे प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते नहीं पालेंगे।
पालिका का सख्त रुख
नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी दीपक गोस्वामी ने बताया कि पालिका शहर में पाले जा रहे सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाना चाहती है। इसके लिए पालिका के सुपरवाइजरों को शहर में जाकर लोगों से कुत्तों के पंजीकरण दस्तावेज जांचने और प्रतिबंधित नस्लों के कुत्तों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है।

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क्यों है जरूरी कुत्तों का पंजीकरण?
कुत्तों का पंजीकरण इसलिए जरूरी है ताकि कुत्तों के हमलों की स्थिति में कुत्ते के मालिक को आसानी से पहचाना जा सके और उन पर कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, कुत्तों का पंजीकरण करवाने से कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण रखने में भी मदद मिलती है।
आगे क्या होगा?
नगर पालिका प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों को पालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। अगर कोई व्यक्ति प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते को पालता पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और उसके कुत्ते को जब्त भी किया जा सकता है।

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