Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड में ऑपरेशन कालनेमि 2.0 की शुरुआत, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ा शिकंजा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कैंट रोड स्थित आवास में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्यभर में ऑपरेशन कालनेमि 2.0 तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान से खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अभियान के पहले चरण में 5500 से अधिक लोगों का सत्यापन किया गया था, जिसमें 1182 के खिलाफ कार्रवाई और 14 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इनमें कुछ बांग्लादेशी भी शामिल थे जो साधु का वेश धरकर लोगों को ठग रहे थे। जांच में हरिद्वार और देहरादून सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्र पाए गए, जहां क्रमशः 2704 और 922 लोगों का सत्यापन हुआ और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। अब दूसरे चरण में और भी सख्ती के साथ सत्यापन और छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की डेमोग्राफी, संस्कृति और आस्था पर चोट पहुंचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। ऑपरेशन कालनेमि 2.0 का लक्ष्य है कि धार्मिक पहचान छिपाकर धोखाधड़ी और आस्था के साथ छल करने वालों की पहचान कर उन पर कड़ा शिकंजा कसा जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अन्य मुद्दों पर भी निर्देश दिए। उन्होंने भूधंसाव से प्रभावित ज्योतिर्मठ के पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में प्रस्तावित आध्यात्मिक जोन के निर्माण को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि यह जोन राज्य में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देंगे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी जिले के धराली आपदा प्रभावितों के लिए पुनर्वास पैकेज जल्द घोषित करने को कहा। एसएन पांडे समिति ने शासन को रिपोर्ट सौंप दी है और अब जोशीमठ की तर्ज पर पुनर्वास पैकेज लागू किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि ऑपरेशन कालनेमि 2.0 और पुनर्निर्माण कार्यों के जरिए प्रदेश में सुरक्षा और विकास की गति और तेज होगी।

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