Connect with us

अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

प्रवक्ताओं के रिक्त पदों को लेकर अभिभावक नाराज, जल्द नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन की तैयारी

Published

on

खबर शेयर करें 👉

प्रवक्ताओं के रिक्त पदों को लेकर अभिभावक नाराज, जल्द नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन की तैयारी
रा.इ.का. नैनी में भौतिक, रसायन और हिन्दी विषयों को पढ़ाने के लिए प्रवक्ता ही नहीं
नैनी, जागेश्वर(अल्मोड़ा)। सरकार भले ही गांवों से पलायन को रोकने के लिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लाख प्रयत्न क्यों न कर रही हो, लेकिन राज्य के दुर्गम पहाड़ी इलाकों के स्कूलो की दशा सुधरती नजर नहीं आती। इसे शिक्षा विभाग की अनदेखी कहा जाए या लापरवाही कि जहां पढऩे के लिए बच्चे हैं वहां शिक्षक ही नहीं और जहां शिक्षक हैं तो वहां बच्चे नहीं। दुर्गम पहाड़ी इलाकों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का हमेशा अभाव ही रहा है। ताजा मामला राजकीय इण्टर कालेज नैनी (चौगर्खा) का है, जहां वर्षों से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और हिन्दी के प्रवक्ता ही नहीं है। एलटी के सहायक अध्यापकों के भरोसे इन विषयों को पढ़ाया जा रहा है। लम्बे समय से रिक्त चल रहे इन पदों को भरने के लिए शिक्षा विभाग ने कभी दिलचस्पी दिखाई ही नहीं, जिसका खामियाजा यहां पढऩे वाले छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग की अनदेखी से नाराज अभिभावकों ने जल्द से जल्द प्रवक्ताओं के रिक्त पदों को भरने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के अंदर यहां प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे।
कहा है कि रा.इ.का.नैनी में इस समय 200 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों के बच्चे मीलों पैदल चलकर विद्यालय पहुंचते हैं। यही नहीं 20 किमी की परिधि में कोई इंटर कालेज भी नहीं है। लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए यहां प्रवक्ता ही नहीं हैं। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और हिन्दी जैसे प्रमुख विषयों के प्रवक्ताओं के पद वर्षो से रिक्त चल रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि गांव में ट्यूशन की भी कोई व्यवस्था नहीं हो पाती है, स्कूल की पढ़ाई से ही बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करनी होती है। विद्यालय में प्रवक्ता नहीं होने के कारण बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। मजबूरन अन्य विषयों के शिक्षकों को भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान जैसे कठिन विषय पढ़ाने पड़ते हैं, जिसका बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी)ने छात्र हित में जल्द से जल्द रिक्त पड़े पदों पर प्रवक्ताओं की नियुक्ति की मांग की है और चेतावनी भी दी है कि यदि दो हफ्ते के अंदर यहां प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं की गई तो अभिभावक और क्षेत्रीय जनता आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे। पत्र में ग्राम प्रधान नैलपड़ मोहन सिंह खनी, एसएमसी अध्यक्ष लखन लाल वर्मा, अभिभावक संघ के अध्यक्ष लीला देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य कछियोला कैलाश प्रसाद, भगवान सिंह खनी, सोबन् सिंह,ग्राम प्रधान नैनीगूंठ सतीश पांडे, सुरेश भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता  पीसी तिवारी,खुशाल खनी, दीवान खनी, किशन सिंह खनी, राम सिंह ने विद्यालय में रिक्त चल रहे प्रधानाचार्य और चतुर्थ श्रेणी के पदों को भी भरने की मांग की है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement