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पौड़ी चौबट्टाखाल के जंगल की लगी आग में फंसने से दो युवकों की मौत, गांव में पसरा मातम

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दोनों दिल्ली में करते थे जॉब, शादी में शामिल होने आए थे गांव, जंगल में लगी आग बुझाने गए थे दोनों

पौड़ी। पौड़ी के चौबट्टाखाल क्षेत्र में जंगल में फंसे दो युवकों की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों जंगल में लगी आग को बुझाने की कोशिश कर रहे थे। राजस्व पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। वहीं, एसडीएम ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी।
ग्राम प्रधान सेडियागाड़ सुमन देवी व सामाजिक कार्यकर्ता मनोज नौडियाल ने बताया कि कंडूली गांव निवासी कुलदीप कुमार (26) पुत्र दीनदयाल प्रसाद नौडियाल और सेडियागाड़ निवासी विकास रावत पुत्र महिपाल रावत दरगास तोक में जंगल में लगी आग को बुझाने गए थे। काफी देर तक दोनों युवक वापस नहीं आए तो ग्रामीण जंगल की ओर गए। वहां कुलदीप बुरी तरह झुलसा हुआ जमीन पर पड़ा था जबकि विकास एक पेड़ पर चढ़ा हुआ था। कुलदीप की मौत हो चुकी थी और विकास भी काफी झुलस गया था।
ग्रामीणों ने विकास को पेड़ से उतारा तो उसने बताया कि वे दोनों घूमने आए थे। इसी बीच जंगल में आग लग गई। उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन अचानक आग बेकाबू हो गई। ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस की मदद से विकास को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा में भर्ती कराया। यहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली रेफर किया गया। वहां डाक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज नौडियाल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद विकास का अंतिम संस्कार हरिद्वार के चंडीघाट और कुलदीप कुमार का अंतिम संस्कार पैतृक घाट सनेऊ नदी तट पर हुआ। घटना के बाद से क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
बताया गया है कि दोनों युवक दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे। चार भाइयों में कुलदीप कुमार दूसरे नंबर का था। उसके पिता दीनदयाल प्रसाद नौडियाल गांव में रसोईया का काम करते हैं। विकास के दो भाई व एक बहन है। उसके पिता महिपाल सिंह रावत पोखड़ा में हिमालयन गढ़वाल विवि में सुरक्षा कर्मी के पद पर सेवारत हैं। विकास व कुलदीप दोनों ही कुछ दिनों पहले गांव आए थे।
एसडीएम ने कहा कि तहसीलदार चौबट्टाखाल को जांच अधिकारी नामित कर जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। युवकों की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आवश्यकता पड़ने पर घटना की जांच रेगुलर पुलिस को सौंपी जाएगी।

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