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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में बारिश का कहर: भूस्खलन, जलभराव और नदियों में उफान से जनजीवन प्रभावित, तीन की मौत, सीएम ने दिए अलर्ट पर रहने के निर्देश

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देहरादून। उत्तराखंड में बीती रात से लगातार हो रही बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सोमवार को कोटद्वार और हल्द्वानी में बारिश जनित हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए हैं। गंगा, यमुना, काली और इनकी सहायक नदियां उफान पर हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। देहरादून और हरिद्वार में जलभराव ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है और कई घरों में पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ है।

कोटद्वार के सिद्धबली मंदिर के पास पहाड़ी से अचानक गिरी चट्टान एक जीप पर आ गिरी, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। हल्द्वानी में बेल बसानी नाले में तीन युवक बह गए, जिनमें से एक 32 वर्षीय युवक योगेश सुयाल की मौत हो गई, जबकि दो को सुरक्षित बचा लिया गया।

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उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन से करीब 25 मीटर सड़क धंस गई है, जिससे मार्ग बाधित हो गया है। एनएच अधिकारी मनोज रावत के अनुसार मार्ग को बहाल करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है और जल्द खुलने की उम्मीद है।

देहरादून में ठाकुरपुर क्षेत्र में टोंस नदी में तीन मजदूर फंस गए थे। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू कर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। तीनों मजदूर कांवड़ यात्रा से लौटने के बाद नदी पार अपने रिश्तेदार को प्रसाद देने जा रहे थे, तभी जल स्तर अचानक बढ़ गया।

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इधर, मुनस्यारी-मदकोट मार्ग पर रविवार रात भूस्खलन के चलते 27 स्कूली बच्चे दो घंटे तक रास्ते में फंसे रहे। सभी बच्चे विद्या मंदिर के थे और धारचूला में कार्यक्रम से लौट रहे थे। बाद में उन्हें अन्य साधनों से सुरक्षित घर भेजा गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और अपनी टीमों के साथ ग्राउंड जीरो पर स्थिति संभालने के निर्देश दिए हैं। नदियों के जल स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

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