Report by : CWN Desk
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देहरादून: अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर RBI की रोक, 9000 ग्राहकों के 124 करोड़ फंसे

देहरादून अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर आरबीआई ने लगाया प्रतिबंध। ₹124 करोड़ फंसने से ग्राहकों का फूटा गुस्सा, मुख्य शाखा पर भारी हंगामा। जानें क्या है पूरा मामला।

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लेन-देन पर रोक लगाए जाने से हड़कंप मच गया है। इस औचक प्रतिबंध के कारण बैंक के लगभग 9,000 ग्राहकों की ₹124 करोड़ की जमा पूंजी अधर में लटक गई है। खबर फैलते ही अपनी मेहनत की कमाई डूबने के डर से सैकड़ों आक्रोशित ग्राहक मंगलवार को दर्शन लाल चौक स्थित मुख्य शाखा पर जमा हो गए।
बैंक परिसर में जमा हुए ग्राहकों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। ग्राहकों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के लेन-देन से वंचित कर दिया गया है। विशेष रूप से ए-श्रेणी के ठेकेदारों का लगभग ₹60 करोड़ बैंक में फंसा है, जिससे वे अपने मजदूरों का भुगतान करने में असमर्थ हैं।
आरबीआई ने यह कड़ा कदम जनहित और जमाकर्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। फिलहाल यह प्रतिबंध 6 महीने के लिए लगाया गया है। मंगलवार को जब ग्राहक चेक लेकर बैंक पहुंचे, तो उन्हें खाली हाथ लौटा दिया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया। संजीव वर्मा नामक एक ग्राहक की 96 हजार रुपये का चेक बाउंस होने पर बैंक कर्मियों से तीखी झड़प भी हुई।
बैंक के अध्यक्ष मयंक ममगाईं ने स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए कहा कि वर्ष 2013-14 की कुछ अनियमितताओं की जांच चल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरबीआई की यह रोक अस्थायी है और ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। जैसे ही नई गाइडलाइन प्राप्त होगी, लेन-देन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, बैंक अध्यक्ष और सचिव की अनुपस्थिति से ग्राहकों का गुस्सा सातवें आसमान पर रहा।
देहरादून प्रशासन और आरबीआई से ग्राहकों ने गुहार लगाई है कि उनकी गाढ़ी कमाई को जल्द से जल्द वापस दिलाने की व्यवस्था की जाए। हंगामे में मुख्य रूप से अचिन गुप्ता, रजत अग्रवाल, दीपेंद्र कोटनाला और अन्य वरिष्ठ व्यापारी व खाताधारक शामिल रहे। अब सबकी नजरें आरबीआई के अगले आदेश पर टिकी हैं कि क्या ग्राहकों को राहत मिलेगी या उनका इंतजार और लंबा होगा।

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