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हरिद्वार

संस्कार भारती ने गोविंद घाट पर सूर्य अर्घ्य देकर ‘सिद्धार्थी’ नव संवत्सर का किया भव्य स्वागत

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हरिद्वार। अखिल भारतीय कला एवं साहित्य संस्था ‘संस्कार भारती’ की हरिद्वार महानगर इकाई द्वारा आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, ‘सिद्धार्थी’ नव संवत्सर (हिंदू नव वर्ष) के प्रथम दिवस पर गोविंद घाट पर पतित पावनी मां गंगा का पूजन, स्नान और सूर्य को अर्घ्य देकर नव वर्ष का स्वागत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को अक्षत व तिलक लगाकर नव संवत्सर की बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

कार्यक्रम संस्था के संरक्षक एवं वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा और सेवा भारती के प्रांतीय संरक्षक महेश चंद्र काला के सान्निध्य में संपन्न हुआ। इकाई अध्यक्ष करन सिंह सैनी ने सभी अतिथियों का तिलक और अंगवस्त्र से सम्मान किया। प्रांतीय दृश्यकला संयोजक सुनील चौहान ने सभी को नव संवत्सर की शुभकामनाएं दीं।

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इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा ने कहा, “सभी सनातन धर्मावलंबियों को अपने धर्म और संस्कारों से सदैव जुड़ा रहना चाहिए। संस्कार भारती जैसी संस्थाएं समाज में अच्छे कार्य कर रही हैं और सनातन संस्कृति को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सभी को इस प्रयास के लिए साधुवाद है।”

कार्यक्रम में प्रांतीय मंत्री राकेश मालवीय, प्रांतीय संपर्क सह प्रमुख अमित गुप्ता, महानगर इकाई अध्यक्ष करन सिंह सैनी, कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र मिश्र, इकाई मंत्री संतोष साहू, कोषाध्यक्ष कमल सैनी, सह-कोषाध्यक्ष सुनील सैनी, नाट्य विद्या संयोजक नीता नय्यर, सह-संयोजिका मनीषा सिंह, प्रचार प्रभारी आशा साहनी, मीनाक्षी चावला, लक्ष्मी साहू, जनक सहगल, सतीश कुमार, विजय प्रताप राजपूत और अनिता राजपूत सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम के समापन पर इकाई मंत्री संतोष कुमार साहू ने सभी आगंतुकों, श्रद्धालुओं और अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। इस आयोजन ने सनातन संस्कृति को संजोने और नव संवत्सर की महिमा को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्कार भारती का यह प्रयास समाज को अपने मूल संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का संदेश देता है।

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