हल्द्वानी
गौ माता को मिले ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा: हल्द्वानी में शिव सेना और गौ रक्षकों ने भरी हुंकार
हल्द्वानी में ‘गौ सम्मान आह्वाहन अभियान’ के तहत केंद्र सरकार को मांग पत्र सौंपा गया। शिव सेना और हिंदूवादी संगठनों ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की।
हल्द्वानी: गौ सम्मान आह्वाहन अभियान संपूर्ण भारत में चलाए जा रहे “गौ सम्मान आह्वाहन अभियान” की गूँज अब हल्द्वानी में भी सुनाई दे रही है। यहाँ हिंदूवादी संगठनों और शिव सेना के पदाधिकारियों ने एक स्वर में केंद्र सरकार से गौ माता को “राष्ट्र माता” घोषित करने की मांग की है। इस संबंध में एक विस्तृत मांग पत्र शासन-प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रेषित किया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि गौ माता की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
अभियान के दौरान शिव सेना प्रदेश उपाध्यक्ष रूपेंद्र नागर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गौ रक्षा के लिए वे मुकदमों से नहीं डरते। उन्होंने पुराने समय का हवाला देते हुए कहा कि गौकशी करने वालों को सबक सिखाने के लिए उन पर कई मुकदमे लगे, लेकिन वे शासन-प्रशासन के आगे नहीं झुके। उनका स्पष्ट कहना है कि हिंदू धर्म में गौ माता का स्थान सर्वोपरि है और उनकी सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
गौ रक्षक जोगेंद्र राणा और अन्य वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि हिंदू धर्म के सभी 16 संस्कार गौ माता के बिना अधूरे हैं। बिना गौ माता के किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को सफल नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलने से उनकी हो रही दुर्गति रुकेगी और समाज में उन्हें उचित सम्मान मिलेगा। यह मांग हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के सम्मान से जुड़ी है।
इस अवसर पर शिव सेना और अन्य संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष त्रिलोक सिंह, महानगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता, मनोज गुप्ता और पुरुषोत्तम सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने एक सुर में कहा कि केंद्र सरकार को अविलंब इस पर निर्णय लेना चाहिए। हल्द्वानी महानगर में इस अभियान को लेकर आम जनमानस के बीच भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
