हल्द्वानी
हल्द्वानी में भालू का आतंक: मवेशी ढूंढने गए वन गुर्जर को उतारा मौत के घाट
हल्द्वानी के चोरगलिया में मादा भालू के हमले से वन गुर्जर की मौत। वन विभाग ने ड्रोन और कैमरा ट्रैप से शुरू की तलाश। इलाके में दहशत का माहौल, जानें पूरी खबर।
हल्द्वानी। चोरगलिया क्षेत्र में वन्यजीवों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाघ और गुलदार के बाद अब **भालू के हमले** ने वन विभाग और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार रात रुद्रपुर बीट क्षेत्र में एक मादा भालू ने 42 वर्षीय वन गुर्जर मोहम्मद आरिफ पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक मोहम्मद आरिफ रैखाल गुर्जर खत्ता के निवासी थे। शनिवार दोपहर वह अपने मवेशियों की तलाश में जंगल की ओर निकले थे, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं आए। परिजनों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके बाद घने जंगल में आरिफ का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। **हल्द्वानी में भालू का आतंक** इतना अधिक है कि आरिफ के शरीर पर गहरे घाव पाए गए और उनके कपड़े पूरी तरह फटे हुए थे।
किशनपुर रेंजर जीएन चन्याल के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह हमला किसी मादा भालू द्वारा किए जाने की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि यह मादा भालू अपने बच्चे के साथ घूम रही है, जिससे वह अधिक आक्रामक हो गई है। महज चार दिन पहले इसी भालू ने एक वन वॉचर कृष्णा पर भी हमला किया था, जिन्हें गश्ती टीम ने मुश्किल से बचाया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ हिमांशु बागरी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और तत्काल **तीन लाख रुपये की मुआवजा राशि** सौंपी। वन विभाग ने अब मादा भालू को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरे लगा दिए हैं। इसके अलावा, घने जंगलों में ड्रोन कैमरों और कैमरा ट्रैप की मदद से भालू की लोकेशन ट्रैक की जा रही है ताकि भविष्य में होने वाले हादसों को रोका जा सके।
वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों और वन गुर्जरों को अकेले जंगल न जाने की सख्त चेतावनी दी है। तराई के इन इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। फिलहाल, पोस्टमार्टम के बाद आरिफ का शव परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन पूरे चोरगलिया क्षेत्र में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है।
