उत्तराखण्ड
श्री हेमकुंट साहिब यात्रा 2026: 23 मई को खुलेंगे कपाट, कम बर्फबारी के कारण जल्दी शुरू होगी यात्रा
श्री हेमकुंट साहिब के कपाट 23 मई 2026 को खुलेंगे। कम बर्फबारी और अनुकूल मौसम को देखते हुए ट्रस्ट ने यात्रा जल्दी शुरू करने का निर्णय लिया है। जानें पूरी तैयारी।
चमोली। विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थ स्थल श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी और सुखद खबर है। इस वर्ष पवित्र धाम के कपाट शनिवार, 23 मई 2026 को विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे। यह महत्वपूर्ण निर्णय गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा और उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन के बीच हुई एक विस्तृत बैठक के बाद लिया गया है।
प्रशासन और ट्रस्ट के अनुसार, इस वर्ष हिमालयी क्षेत्रों में पिछले वर्षों की तुलना में कम बर्फबारी हुई है। जलवायु परिवर्तन के कारण बदली इन परिस्थितियों ने यात्रा को समय से थोड़ा पहले शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया है। हालांकि, मौसम की अप्रत्याशित प्रकृति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गौरतलब है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के कपाट भी अप्रैल माह में ही खोले जाने का कार्यक्रम है, जिससे उत्तराखंड में तीर्थाटन का सीजन काफी व्यस्त रहने वाला है।
ट्रस्ट राज्य सरकार के साथ समन्वय कर तीर्थयात्रियों के लिए पुख्ता इंतजाम कर रहा है। हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रतूड़ा, जोशीमठ, गोविंदघाट और घांघरिया स्थित धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन (लंगर) की व्यवस्था की जाएगी। 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित मुख्य गुरुद्वारे में भी लंगर सेवा जारी रहेगी, लेकिन सुरक्षा कारणों और ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए यात्रियों को वहां रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं होगी।
धार्मिक रूप से इस स्थान का महत्व अतुलनीय है। दशम ग्रंथ के अनुसार, यह वही पवित्र स्थल है जहाँ सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने पूर्व जन्म में महाकाल की तपस्या की थी। आज यह स्थान न केवल सिखों के लिए बल्कि शांति और आध्यात्मिकता की खोज में आने वाले हर श्रद्धालु के लिए श्रद्धा का केंद्र है। मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया है कि सरकार सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है।
अंत में, ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे उच्च हिमालयी क्षेत्र की चुनौतियों को देखते हुए अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और पंजीकरण व सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। यात्रा पंजीकरण और सड़क की स्थिति से संबंधित आगामी अपडेट आधिकारिक माध्यमों से समय-समय पर जारी किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे पूरी तैयारी के साथ ही इस कठिन लेकिन पावन यात्रा पर निकलें।
