हल्द्वानी
कालाढूंगी: ऑनलाइन गेम में पैसे हारने पर छात्र ने दी जान, पुलिस पर भड़के परिजन
कालाढूंगी में पॉलिटेक्निक छात्र की मौत के बाद परिजनों का कोतवाली में हंगामा। ऑनलाइन गेम और उधारी के दबाव में सुसाइड का आरोप। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल।
नैनीताल। जिले के कालाढूंगी में एक पॉलिटेक्निक छात्र की आत्महत्या ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। बुधवार को मृतक छात्र के परिजनों ने शव को कोतवाली के सामने रखकर पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। मृतक के पिता का आरोप है कि कालाढूंगी और कोटाबाग क्षेत्रों में अवैध जुआ, सट्टा और ऑनलाइन गेमिंग का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की चुप्पी युवा पीढ़ी को बर्बादी की ओर धकेल रही है।
मृतक छात्र ने मौत से पहले अस्पताल के बेड पर एक वीडियो बनाया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र ने एक युवक का नाम लेते हुए बताया कि उसने ऑनलाइन गेम में हारने के बाद 3,000 रुपये उधार लिए थे। उधारी वापस करने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। छात्र के पिता ने दावा किया कि उन्होंने इस उत्पीड़न की रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय पुलिस ने उनके घर जाकर दूसरे बेटे से मोबाइल छीन लिया।
कोतवाली में प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने आरोपी युवक की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। छात्र के पिता ने रोते हुए कहा कि आज उनके बेटे के साथ यह दुखद घटना घटी है, कल कोई और पिता अपना बच्चा खो सकता है। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के गिरोहों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने काफी मशक्कत और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों को समझा-बुझाकर शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजने को राजी किया।
दूसरी ओर, जिस युवक पर उधारी का दबाव बनाने का आरोप है, उसने अपनी सफाई में एक वीडियो जारी किया है। युवक ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है कि उसने छात्र को डराया या धमकाया था। उसने स्वीकार किया कि दोस्ती के नाते उसने 3,000 रुपये दिए थे, लेकिन उसके बाद और पैसे देने से मना कर दिया था। फिलहाल, कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और वायरल वीडियो व ऑडियो क्लिप को साक्ष्य के तौर पर लिया गया है।
