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नैनीताल

नैनीताल में आदमखोर का आतंक: घास लेने गई महिला को बाघ ने उतारा मौत के घाट

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नैनीताल के ज्योलीकोट में बाघ के हमले से 50 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत। इलाके में दहशत का माहौल, ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जताया रोष। पढ़ें पूरी खबर।

नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ज्योलीकोट इलाके में बाघ के आतंक ने एक बार फिर एक परिवार को उजाड़ दिया है। मंगलवार को जंगल में घास लेने गई 50 वर्षीय महिला हेमा पांडे को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, हेमा पांडे अन्य महिलाओं के साथ रोजाना की तरह पास के जंगल में घास काटने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं ने बताया कि अचानक झाड़ियों से निकले बाघ ने हेमा पर हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए गहरे जंगल की ओर ले गया। जब अन्य महिलाओं ने शोर मचाया, तब तक बाघ उन्हें काफी दूर ले जा चुका था। बाद में ग्रामीणों ने जंगल के भीतर से हेमा का क्षत-विक्षत शव बरामद किया।
ज्योलीकोट के ग्राम प्रधान शेखर चन्द्र भट्ट ने बताया कि क्षेत्र के चोपड़ा और आसपास के गांवों में वन्यजीवों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों की आजीविका वनों पर निर्भर है, लेकिन अब जंगल जाना मौत को दावत देने जैसा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार की शिकायतों के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलने पर डीएफओ आकाश गंगवार के नेतृत्व में वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। डीएफओ ने बताया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं ताकि हमलावर जानवर की पहचान की जा सके। विभाग ने प्रभावित परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा देने और सुरक्षा के लिए पिंजरा लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
फिलहाल, प्रशासन ने ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने और सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है। लगातार हो रहे इन हमलों ने इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। ग्रामीण अब मांग कर रहे हैं कि हमलावर बाघ को जल्द से जल्द आदमखोर घोषित कर पकड़ा जाए।

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