Report by : राम सिंह, अल्मोड़ा
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गुरिल्लों की रथयात्रा पहुँची चिन्यालीसौड़, बोले गुरिल्लों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता

चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। 23 जून को अल्मोड़ा से जन जागरण पर निकली गुरिल्ला रथयात्रा आज चिन्यालीसौड़ पहुंची। चिन्यालीसौड़ में नागराजा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नीलकंठ नागड़ी में गुरिल्लों को संबोधित करते हुए संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष ब्रह्मा नन्द डालाकोटी ने कहा कि गुरिल्लों को पुनः एक सूत्र में पिरोने तथा मजबूत तथा मजबूती के साथ अपना पक्ष सरकार के समक्ष रखने के लिए यह जनजागरण रथयात्रा निकाली गयी है। गुरिल्ला आंदोलन को 17वर्ष हो गये हैं। कभी कोरोना, कभी गुरिल्लों में ही सरकार द्वारा बार बार किये गये सत्यापन से फैली गलतफहमियों से संगठन कमजोर हो रहा है। इसका लाभ उठाते हुए कुछ स्वार्थी तत्व कभी हाई कोर्ट, कभी सुप्रीम कोर्ट के नाम से भारी भरकम धनराशि वसूल कर रहे हैं। इसलिए सबको सत्यता बताकर लूट से बचाना भी जरूरी है। संगठन की ताकत और गुरिल्लों के राष्ट्र को दिये गए योगदान की याद दिलाना इस यात्रा का महत्वपूर्ण पहलू है। आतंकवाद, अलगाववाद के खात्मे, सीमाओं से विदेशी नागरिकों ,अवैध सामान की आवाजाही रोकने में स्थानीय लोगों से बनी यह अचूक सीमा सुरक्षा प्रणाली है जिसने समय समय पर यह सिद्ध किया है।

   महाबीर रावत ने संगठन की एकता और उग्र आंदोलन की रणनीति बनाने का आह्वान किया। बैठक में जगमोहन भंडारी, जयसिंह विष्ट , हीरा सिंह, इन्द्रपाल राणा, सुमेरसिंह पवार, कीड़ी देवी,नीमा देवी समेत दर्जनों की संख्या में गुरिल्ले उपस्थित रहे।
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