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हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे, 54 हजार श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
श्री गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे। ऑफलाइन पंजीकरण के लिए ऋषिकेश में चार काउंटर तैयार हैं। 20 मई को रवाना होगा श्रद्धालुओं का पहला जत्था।
ऋषिकेश: सिख समाज के पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने की तिथि नजदीक आते ही चार धाम यात्रा प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंध समिति ने धरातल पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना तेज कर दिया है।
यात्रा को सुगम बनाने के लिए ऋषिकेश स्थित श्री गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र स्थापित किया गया है। यात्रा प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने सोमवार को इस केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार ऑफलाइन पंजीकरण हेतु चार विशेष काउंटर तैयार किए गए हैं। अधिकारियों ने काउंटरों पर व्यवस्थाएं देखीं ताकि तीर्थयात्रियों को कतारों में लंबा इंतजार न करना पड़े।
चार धाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनमोहन सिंह और विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने खुद गुरुद्वारा परिसर पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने गुरुद्वारा प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की। बैठक में यात्रा के दौरान सुरक्षा, चिकित्सा और ठहरने की व्यवस्थाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
हेमकुंड साहिब की यात्रा को लेकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार तक करीब 54 हजार से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। गुरुद्वारा प्रबंध समिति ने जानकारी दी है कि तीर्थयात्रियों का पहला आधिकारिक जत्था 20 मई को ऋषिकेश से हेमकुंड साहिब के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
