नैनीताल
नैनीताल में दर्दनाक हादसा: आग बुझाते समय वन कर्मी ने गंवाई जान, भड़के ग्रामीण
नैनीताल के बिड़ला चुंगी क्षेत्र में वनाग्नि बुझाते समय वन विभाग के दैनिक कर्मी आनंद राम की फिसलकर मौत। सुरक्षा उपकरणों के अभाव में ग्रामीणों का भारी हंगामा।
नैनीताल। जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बिड़ला चुंगी क्षेत्र के पास जंगलों में लगी भीषण आग को बुझाने के दौरान वन विभाग के एक दैनिक कर्मी की पहाड़ी से फिसलकर मौत हो गई। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और परिजनों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।
मृतक की पहचान बिड़ला निवासी आनंद राम के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जंगल में आग लगने की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। आग पर काबू पाने के संघर्ष के दौरान आनंद राम अचानक संतुलन खो बैठे और गहरी ढलान में जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि कर्मचारी के पास कोई भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं था।
हादसे के तुरंत बाद घायल आनंद राम को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली, भारी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने वन विभाग की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हंगामा किया। उनका कहना है कि विभाग बिना तैयारी के कर्मचारियों को खतरे में झोंक रहा है।
पूर्व सभासद दीपक कुमार भोलू सहित अन्य ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वनाग्नि जैसी खतरनाक स्थिति से निपटने के लिए कर्मियों को फायर सूट और हेलमेट जैसे जरूरी उपकरण नहीं दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने अब मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वन क्षेत्राधिकारी ललित कार्की ने घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की छानबीन की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस हादसे ने उत्तराखंड के जंगलों में हर साल लगने वाली आग और उससे निपटने वाले कर्मियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
