नैनीताल
कॉर्बेट नेशनल पार्क में हड़कंप, जंगली हाथियों के झुंड के साथ भागीं दो पालतू हथिनियां
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के झिरना जोन से लापता हुईं दो सरकारी हथिनियों को वन विभाग ने ड्रोन की मदद से घने जंगल से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। जानिए पूरा मामला।
रामनगर। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के झिरना जोन में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पार्क की सुरक्षा में तैनात दो पालतू मादा हथिनियां अचानक लापता हो गईं। दोनों सरकारी हथिनियां रोज की तरह झिरना कैंपस के पास घास और पेड़ के पत्ते चर रही थीं। इसी दौरान वहां से गुजर रहे जंगली हाथियों के एक झुंड को देखकर दोनों हथिनियां महावतों को चकमा देकर उनके साथ घने जंगल में निकल गईं।
हथिनियों के गायब होने की खबर मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। पार्क प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करते हुए जमीन पर सर्च टीमें उतारीं और आसमान में खोजी ड्रोन उड़ाए। करीब 20 किलोमीटर दूर घने जंगल में ड्रोन कैमरों की मदद से दोनों हथिनियों को जंगली हाथियों के झुंड के साथ देखा गया। इसके बाद आधी रात को भारी मशक्कत करके दोनों को सुरक्षित वापस कैंपस लाया जा सका।
वन अधिकारियों के मुताबिक, इस समय हाथियों का प्रजनन काल चल रहा है, जिसके कारण पालतू हथिनियां अक्सर जंगली झुंड की तरफ आकर्षित होकर उनके साथ चली जाती हैं। झिरना जोन के रेंजर दीपक तिवारी ने बताया कि इस घटना के दौरान महावत आस-पास ही मौजूद थे, लेकिन हथिनियां चुपचाप झुंड में शामिल हो गईं। गनीमत रही कि समय रहते ड्रोन तकनीक की मदद से उनकी सही लोकेशन का पता चल गया।
पार्क के एसडीओ अमित ग्वासीकोटी ने बताया कि इन दोनों हथिनियों का उपयोग कॉर्बेट पार्क की सुरक्षा और गश्त के लिए किया जाता है। जंगली हाथियों के झुंड में अक्सर खतरनाक टस्कर (नर हाथी) भी शामिल रहते हैं, जिससे पालतू हथिनियों पर जानलेवा हमले की आशंका हमेशा बनी रहती है। फिलहाल, दोनों हथिनियों को सुरक्षित वापस लाकर उनके बाड़े में बांध दिया गया है और उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
