उत्तराखण्ड
दिल्ली में इलाज के लिए जाने वाले उत्तराखंडी मरीजों को बड़ी राहत, उत्तराखंड भवन में मिलेगी ठहरने की सुविधा
राज्य से बाहर रेफर हुए मरीजों और तीमारदारों के लिए उत्तराखंड भवन में ठहरने की व्यवस्था शुरू। किफायती आवास से मिलेगी आर्थिक मदद। जानिए पात्रता और प्रक्रिया।
देहरादून/दिल्ली: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के उन मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है जिन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली या अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाता है। अब ऐसे रेफर्ड मरीजों और उनके तीमारदारों को दिल्ली स्थित उत्तराखंड भवन में ठहरने की विशेष सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इलाज के दौरान परिजनों को होने वाली आवास संबंधी दिक्कतों और आर्थिक बोझ को कम करना है।
अक्सर देखा गया है कि एम्स (AIIMS) या अन्य बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए उत्तराखंड से आने वाले परिवारों को होटलों या धर्मशालाओं में रुकने के लिए भारी रकम खर्च करनी पड़ती थी। अब नई व्यवस्था के तहत, पात्र मरीजों के साथ आए एक या दो तीमारदारों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मरीजों के परिवारों को मानसिक और आर्थिक संबल मिलेगा।
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। विभाग का लक्ष्य है कि प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों से आने वाले गरीब और जरूरतमंद लाभार्थियों तक यह जानकारी पहुँचे। इसके लिए अस्पतालों के सूचना पट्टों, सोशल मीडिया और जनसंपर्क अभियानों का सहारा लिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस सुविधा से उपचार की राह आसान होगी।
किसे मिलेगा लाभ और क्या है प्रक्रिया?
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं मरीजों को मिलेगा जिन्हें सरकारी चिकित्सालयों से विधिवत रूप से उच्च केंद्रों के लिए रेफर किया गया है। ठहरने के लिए आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी संबंधित जिला चिकित्सालयों या मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
