नई दिल्ली
सातताल में बाघों की बेखौफ चहलकदमी, ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर वन विभाग से लगाई गुहार
उत्तराखंड के सातताल में बाघों की सक्रियता से ग्रामीणों में भारी डर। सुबह के समय बाघों का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा की मांग तेज।
नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र सातताल और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाघों की लगातार मौजूदगी ने स्थानीय लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। बीते कुछ समय से बाघ आबादी वाले क्षेत्रों में खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। ताजा घटनाक्रम में सुबह के समय एक बाघ को आबादी के पास देखा गया, जिसका स्थानीय लोगों ने वीडियो भी बना लिया है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
स्थानीय निवासी विक्रम कंडारी ने बताया कि सातताल क्षेत्र में बाघ अब बेखौफ होकर घूम रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब वन्यजीव आबादी के इतने करीब आए हैं। इससे पहले भी एक साथ तीन बाघों को क्षेत्र में घूमते हुए देखा गया था। एक साथ कई बाघों की सक्रियता ने ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाघों के दिखाई देने के बाद से ग्रामीणों ने अपने घरों से बाहर निकलना कम कर दिया है। स्थानीय लोगों ने इस गंभीर स्थिति से वन विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग तुरंत क्षेत्र में गश्त बढ़ाए और बाघों को आबादी से दूर रखने के लिए पुख्ता इंतजाम करे। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
फिलहाल, वन विभाग मामले की जांच कर रहा है और क्षेत्र में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले अंधेरे में बाहर न निकलें और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द ही पिंजरा लगाने या बाघों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने की कार्रवाई शुरू करेगा।
