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नई दिल्ली

ठंड से बचाव के लिए अंगीठी जलाएं, लेकिन सावधानी जरूरी

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अंगीठी से निकलती है जहरीली गैस, ‌कमरे में रखें हवा के लिए वेंटिलेशन

हल्द्वानी। उत्तराखंड के मैदानी जिलों में शीतलहर का कहर है। सर्दी से
बचने के लिए कोई अंगीठी का सहारा ले रहा है तो कोई हीटर और ब्लोअर
इस्तेमाल कर रहे हैं। इनके इस्तेमाल में जरा सी चूक जानलेवा  हो सकती है।
पहाड़ से लेकर मैदान में बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से कई लोगों की
गैस से दम घुटने से मौत की खबरें लगातार आ रही हैं। ऐसे में डॉक्टरों का
कहना है कि कभी भी बंद कमरे में अंगीठी नहीं जलानी चाहिए। क्योंकि आग की
वजह से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड जानलेवा हो सकती है।
अंगीठी से निकलती है जहरीली गैस
डॉक्टर संदीप टंडन बताते हैं कि सर्दी से बचने के लिए अगर आप अंगीठी जलाते हैं। इसके लिए कोयला या लकड़ी का इस्तेमाल करते हैं तो अलर्ट रहें। अंगीठी के अलाव से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है, जो जहरीली होती है,
इससे जान जा सकती है। खासकर जब कोई बंद कमरे में इसका इस्तेमाल करता है तो कमरे के अंदर ऑक्सीजन खत्म हो जाती है। कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। सोया हुआ व्यक्ति जब सांस लेता है तो ऑक्सीजन की जगह कार्बन
मोनोऑक्साइड ही शरीर में जाती है, जिससे दिमाग पर असर होता है। इंसान बेहोश हो जाता है। यही नहीं सांस के जरिए यह जहरीली गैस लंग्स और शरीर के
बाकी हिस्सों में पहुंच हाती है। ब्लड में हीमोग्लोबीन की मात्रा कम हो
जाती है और इंसान की मौत हो जाती है।

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